लंदन: पाकिस्तान के आईएसआई ने ओसामा बिन लादेन को ऐबटाबाद में करीब छह साल कैद में रखा और उसे एक सुनियोजित हमले में अमेरिका को सौंप दिया गया। अलकायदा प्रमुख के मारे जाने के बारे में मीडिया में आज आई एक खबर ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
पुलित्जर पुरस्कार विजेता अमेरिकी खोजी पत्रकार सेयमर हर्श हमले के आधिकारिक अमेरिकी रिकार्ड और ओसामा की हत्या को मनगढ:त कहानी पहले ही करार दे चुके हैं।
बीबीसी की रिपोर्ट में जेन कोर्बिन ने दावा किया है कि ओसामा की हत्या करने के लिए उच्चतम स्तर पर अमेरिका और पाकिस्तान सरकार ने साजिश रची थी। उन्होंने करीब दो दशक तक अल कायदा और ओसामा की जांच की थी।
हर्श के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएसआई ने ओसामा को करीब छह साल तक छावनी शहर ऐबटाबाद में कैद में रखा और एक सुनियोजित हमले में अमेरिका को सौंप दिया। हर्श ने पिछले महीने लंदन रिव्यू ऑफ बुक्स में प्रकाशित अपने आलेख के बारे में कोर्बिन से बात की थी।
हर्श के आलेख ने काफी हलचल मचा दी थी। इसमें दावा किया गया था कि अलकायदा प्रमुख का शव गोलियों से छलनी होकर टुकड़ों में बिखर गया होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी ने ओसामा के सिर पर रखे 2. 5 करोड़ डॉलर के ईनाम के बदले में उसके ठिकाने की जानकारी सीआईए को दी थी।
हर्श ने कहा कि ओसामा के ठिकाने के बारे में जानकारी पाकिस्तान सेना के शीर्ष अधिकारी और खुफिया सेवा को थी जबकि सीआईए ने इस विचार को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तानी शीर्ष अधिकारी को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
आज की रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि एक और संभावित व्याख्या यह है...पाकिस्तान की सेना के अंदर दुष्ट तत्वों की मौजूदगी और इस्लामी आतंकवादियों के प्रति खुफिया सेवा की सहानुभूति का इतिहास रहा है।
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