न्यूयॉर्क: मस्तिष्क में एक हॉर्मोन की अनुपस्थिति लोगों में ज्यादा खाने की समस्या पैदा कर सकती है। एक नए शोध में यह बात सामने आई है। प्रयोगशाला में एक प्रयोग के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि चूहों के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में जब 'ग्लूकागोन लाइक पेप्टाइड-1' (जीएलपी-1) हॉर्मोन की कमी हो जाती है, तो उनके खाने की आदत में बदलाव आ जाता है और वे सामान्य की जगह ज्यादा मात्रा में (भूख से अधिक) खाना शुरू कर देते हैं।
न्यूजर्सी के रटगर्स युनिवर्सिटी में शोध छात्र विंसेंट मिराबेला ने कहा, "चूहों में जब पेप्टाइड की कमी की गई तो उनमें अधिक वसा वाले भोजन खाने की इच्छा बढ़ी और उन्होंने आवश्यकता से अधिक कैलोरी वाला भोजन खाया।" उन्होंने कहा, "इसके विपरीत जब हमने जीएलपी-1 की मात्रा में वृद्धि की तो उन्होंने सामान्य खाने को तरजीह दी।" जीएलपी-1 हॉर्मोन छोटी आंत तथा मस्तिष्क दोनों ही जगह से स्रावित होते हैं और माना जाता है कि ये मस्तिष्क को भूख खत्म होने का संकेत प्रदान करते हैं। यह अध्ययन पत्रिका 'सेल रिपोर्ट्स' में प्रकाशित हुआ है।
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