प्रोफेसर ने कहा, परीक्षा में पास होना है तो क्लास में नंगे आओ
वॉशिंगटन: परीक्षा पास करने को लेकर छात्रों की चिंताए होती है लेकिन परीक्षा में पास होने के लिए किसी छात्र को नंगा होना पड़े वो भी ये कहकर कि ऐसा न करने पर उसे फेल

वॉशिंगटन: परीक्षा पास करने को लेकर छात्रों की चिंताए होती है लेकिन परीक्षा में पास होने के लिए किसी छात्र को नंगा होना पड़े वो भी ये कहकर कि ऐसा न करने पर उसे फेल कर दिया जाएगा, तो सोचिए उसपर क्या बातेगी। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने अपने छात्रों को ये साफ-साफ कह दिया है कि अगर उन्हें पास होना है तो उनको क्लास में नग्न आना होगा ।
दरअसल मामला विजुअल आर्ट के पेपर से जुड़ा है जिसके अंतरगत एक एरॉटिक सेल्फ (खुद कामुक) असाइनमेंट होता है जिसमें स्टूडेंट्स को ऐसी मुद्रा बनानी होती है जो आपकी रूपरेखा बताती है या आपकी कामुकता दर्शाती हो।
यूसी सैन डिएगो के प्रफेसर रिकार्डो डॉमिंगेस पिछले 11 सालों से परफॉर्मिंग द सेल्फ (खुद का इजहार) कोर्स की परीक्षा इसी तरह से लेते आए हैं, लेकिन इस बार ये मामला तूल इसलिए पकड़ रहा है क्योंकि एक छात्रा की मां ने इसपर आपत्ति कर दी। महिला ने सार्वजनिक तौर पर प्रफेसर पर 'कामुक' होने का आरोप लगाते हुए इसे बिल्कुल गलत ठहराया।
महिला ने खुद की और अपनी बेटी की पहचान उजागर न करने की शर्त पर स्थानीय टीवी चैनल से कहा, 'यह कहना कि अगर मेरी क्लास में पास होना है तो तुम्हें नंगा होना ही पड़ेगा। यह सुनकर मेरे पेट में दर्द हो उठा।'
सोशल मीडिया पर ये खबर वाईरल हो जाने की वजह से प्रोफेसर डॉमिंगेस को काफी आलोचना झेलनी पड़ रही है। कुछ लोगों का तो ये कहना है कि प्रफेसर कामुक है जो खुद की वासना को पूरा करने के लिए शैक्षणिक पाठ्यक्रम की आड़ ले रहा है।
बहरहाल प्रफेसर उनके आदेश से जुड़ी कहानी वायरल होने से मचे बवाल के बावजूद बेफिक्र हैं। उन्होंने कहा कि असाइनमेंट के लिए क्लास में कैंडल की मद्धम रोशनी होगी और परीक्षार्थियों के साथ वह खुद भी नंगे ही होंगे।
प्रोफेसर डॉमिंगेस ने कहा, 'परफॉर्मेंस आर्ट और बॉडी के लिए यह एक स्टैंडर्ड कैनवस है। अगर वे इस भंगिमा से असहज हैं, तो उन्हें यह कोर्स नहीं लेना चाहिए।'
वहीं, स्कूल ने अपनी सफाई में कहा कि कक्षा पास करने के लिए नंगापन अनिवार्य नहीं है। बल्कि, हकीकत में खुद को शिक्षित करने के लिए क्लास की अपने आप में जरूरत ही नहीं है।
यूसीएसडी के विजुअल आर्ट्स डिपार्टमेंट के चेयरमैन जॉर्डन क्रैंडल ने कहा, 'स्टूडेंट्स की चिंताएं हमारे डिपार्टमेंट की पहली प्राथमिकता है और हम कुछ प्रासंगिक सूचनाएं देना चाहेंगे जो वीआईएस 104ए के अध्यापन संबंधी सवालों के जवाब देने में मदद करेंगी।' उन्होंने कहा, 'क्लास में आपको अपने कपड़े उतारने की जरूरत नहीं है। यह कोर्स ग्रैजुएशन के लिए नहीं है।'
कोर्स सिलेबस की शुरुआत एरॉटिक सेल्फ (खुद कामुक) असाइनमेंट से होती है, जिसमें स्टूडेंट्स को ऐसी भंगिमा बनानी होती है जो आपकी रूपरेखा बताती है या आपकी कामुकता जाहिर करती है।
विजुअल आर्ट्स वेबसाइट पर क्लास की व्याख्या में कहा गया है, 'आत्मकथा, सपना, बयान, कल्पना या अन्य साधन का उपयोग कर खुद की नए तरीके से तलाश के लिए या हमारी कल्पना में खुद की विविधता पैदा करने के लिए यह कोर्स समकालीन कलाकार के अपने व्यक्तित्व में उपलब्ध असीम संभावनाओं के साथ प्रयोग और पड़ताल करता है।'
क्लास लेने वाले एक स्टूडेंट ने कहा कि शारीरिक खुलापन भावनात्मक नंगेपन से कहीं अच्छा है। उसने कहा, 'हमारे पास विकल्प है कि या तो हम कपड़े उतार दें या भावनात्मक रूप से नंगेपन का इजहार करने के लिए कुछ करें और हरेक तो नहीं लेकिन एक ने न्यूड परफॉर्मेंस को चुना।' उसने कहा, 'यह हममें से कुछ लोगों के लिए असहज था, लेकिन हम युवा हैं और हमें पता था कि पहले दिन की कक्षा से ही हम कहां जा रहे हैं।'