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Hindi News विदेश अमेरिका ट्रंप को फिर कोर्ट से लगा बड़ा झटका, अमेरिकी अदालत ने खारिज की पूर्व राष्ट्रपति की ये अपील

ट्रंप को फिर कोर्ट से लगा बड़ा झटका, अमेरिकी अदालत ने खारिज की पूर्व राष्ट्रपति की ये अपील

अमेरिकी अदालत ने ट्रंप की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उनकी ओर से त्वरित सुनवाई की मांग की गई थी। अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में राष्ट्रपति चुनावों को पलटने की कोशिश के आरोप में ट्रंप पर तुरंत मुकदमा चलाए जाने या न चलाए जाने के मामले में त्वरित सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया है।

डोनॉल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति। - India TV Hindi Image Source : AP डोनॉल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप को कोर्ट से फिर बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी अदालत ने ट्रंप की जल्द सुनवाई वाली अपील को खारिज कर दिया है। अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को पलटने के प्रयास के आरोप में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर मुकदमा चलाया जा सकता है या नहीं, इस बारे में विशेष वकील जैक स्मिथ की याचिका पर तुरंत सुनवाई नहीं की जाएगी। यह ट्रंप के लिए एक और झटका है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि न्यायालय का यह फैसला ट्रंप एवं उनके वकीलों के लिए जीत की तरह है जो अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई में देरी चाहते हैं ताकि वह अपने चुनाव प्रचार अभियान पर ध्यान दे सकें।

ट्रंप 2024 के चुनाव में अपनी उम्मीदवारी के दावे के लिए चुनाव प्रचार अभियान में जुटे हैं। मामले में अगले साल चार मार्च को सुनवाई होनी है। इस मुद्दे का निर्णय अब ‘यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट’ में किया जाएगा, जिसने संकेत दिया है कि वह मामले में निर्णय के लिए शीघ्रता से सुनवाई करेगा। विशेष वकील जैक स्मिथ ने दलील दी थी कि अपीलीय अदालत के त्वरित निर्णय के बावजूद पुनर्विचार और अंतिम फैसले के लिए मामला अदालत के पारंपरिक ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले समय पर उच्चतम न्यायालय तक नहीं पहुंच सकता है।

ट्रंप को अभी कुछ दिन पहले ही कोर्ट ने चुनाव लड़ने के लिए ठहराया है अयोग्य

इसी मामले में अभी कुछ दिन पहले एक अमेरिकी अदालत ने ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य ठहराया था। ट्रंप को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत का इंतजार है। ट्रंप के वकील स्मिथ ने मामले के त्वरित निर्णय में महत्वपूर्ण सार्वजनिक हित का हवाला देते हुए उच्चतम न्यायालय से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। न्यायाधीशों ने शुक्रवार को अपने आदेश में स्मिथ के अनुरोध को खारिज कर दिया और अपने फैसले के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। ​ (एपी) 

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