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मार्टिन लूथर किंग जूनियर की फाइलों को किया गया सार्वजनिक, जानें गोपनीय दस्तावेजों में है क्या?

ट्रंप प्रशासन ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर से जुड़ी एफबीआई की निगरानी के रिकॉर्ड जारी किए हैं। ये रिकॉर्ड 1977 से अदालत के अधीन थे। ट्रंप प्रशासन ने इसे पारदर्शिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

मार्टिन लूथर किंग जूनियर (लाल घेरे में)- India TV Hindi
Image Source : AP मार्टिन लूथर किंग जूनियर (लाल घेरे में)

Martin Luther King Jr Confidential Files: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में सिविल राइट्स मूवमेंट के प्रतीक मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्या से संबंधित लगभग 2,30,000 पेज के दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। ट्रंप प्रशासन के इस कदम का किंग के परिवार ने विरोध किया था। यह दस्तावेज 1977 से एक अदालती आदेश के तहत गोपनीय रखे गए थे लेकिन अब इन्हें नेशनल आर्काइव्स की वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया गया है।

तुलसी गबार्ड ने क्या कहा?

इस पूरे मामले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने कहा कि अमेरिकी जनता ने किंग की हत्या से जुड़ी पूरी जांच को देखने के लिए लगभग 60 वर्षों तक इंतजार किया है। राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में हम इस महत्वपूर्ण और दुखद घटना पर पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित कर रहे हैं। दस्तावेजों में एफबीआई की निगरानी से संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं, जिनमें किंग के फोन टैपिंग, होटल के कमरों में बगिंग और उनके खिलाफ सूचनाएं एकत्र करने के लिए जासूसों का उपयोग शामिल है।

एक्ट्रा मैरिटल अफेयर के दावे

तुलसी गबार्ड के मुताबिक, दस्तावेज इस बात को उजागर करते हैं कि उस समय के एफबीआई निदेशक जे एडगर हूवर की किंग और सिविल राइट्स मूवमेंट पर पैनी नजर थी। दावे इस प्रकार के भी हैं कि किंग के एक्ट्रा मैरिटल अफेयर थे। इन अफेयर्स के बारे में जानकारी एफबीआई की वजह से सार्वजनिक हुई थी। हालांकि, उनकी हत्या और उनके अफेयर के बीच कोई संबंध नहीं था। अब तक की जांच में इन दोनों के बीच कोई संबंध की जानकारी नहीं है।

Image Source : apमार्टिन लूथर किंग जूनियर (लाल घेरे में)

ट्रंप प्रशासन ने बताया ऐतिहासिक कदम

फिलहाल, ट्रंप प्रशासन ने इसे पारदर्शिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है, लेकिन किंग के परिवार और दक्षिणी क्रिश्चियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस ने इसे उनकी गोपनीयता और विरासत पर हमला करार दिया है। मार्टिन लूथर किंग जूनियर को 1963 में दिए उनके भाषण ‘आई हैव अ ड्रीम’ के लिए जाना जाता है। उनकी 4 अप्रैल 1968 को मेम्फिस, टेनेसी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या की जिम्मेदारी जेम्स अर्ल रे ने 1969 में ली थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया और अपनी मौत तक खुद के बेगुनाह होने का दावा किया। हालांकि, बाद में रे की मौत जेल में हो गई थी। किंग के परिवार और कई अन्य लोगों ने लंबे समय से इस बात पर सवाल उठाए हैं कि क्या अर्ल रे अकेले थे या यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा था।

क्या बोले किंग के बेटे

किंग के दो जीवित बच्चे मार्टिन लूथर किंग III और बर्निस किंग ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वो पारदर्शिता और ऐतिहासिक जवाबदेही का समर्थन करते हैं, लेकिन उन्हें डर है कि इन दस्तावेजों का दुरुपयोग उनके पिता की विरासत पर हमला करने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम उन लोगों से अनुरोध करते हैं जो इन फाइलों को देखें, वो हमारे परिवार के दुख के प्रति सहानुभूति, संयम और सम्मान के साथ ऐसा करें। परिवार का मानना है कि हूवर के नेतृत्व में एफबीआई ने किंग को बदनाम करने और नागरिक अधिकार आंदोलन को कमजोर करने के लिए आक्रामक और परेशान करने वाली निगरानी की थी।

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