वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर कुछ नहीं करता है, तो रूस और चीन वहां कब्जा कर लेंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह डेनमार्क के प्रशंसक हैं, लेकिन 500 साल पहले वहां एक नाव से पहुंचने की वजह से डेनमार्क को उस जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल जाता। ट्रंप ने तेल और गैस सेक्टर के बड़े कारोबारियों के साथ बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत में ये बातें कहीं।
'...तो रूस या चीन ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेंगे'
ट्रंप ने ग्रीनलैंड के बारे में पूछे जाने पर कहा, 'हम ग्रीनलैंड पर कुछ न कुछ करेंगे, चाहे वे पसंद करें या न करें। क्योंकि अगर हम नहीं करेंगे, तो रूस या चीन ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेंगे, और हम रूस या चीन को अपना पड़ोसी नहीं बनाना चाहते। मैं इसे प्यार से अंजाम देना चाहूंगा, लेकिन अगर यह आसानी से नहीं होता, तो हम ये काम जबरदस्ती करेंगे। वैसे, मैं डेनमार्क का भी बड़ा प्रशंसक हूं। उन्होंने मेरे साथ अच्छा व्यवहार किया है। मैं उनका बड़ा फैन हूं, लेकिन 500 साल पहले एक नाव लेकर ग्रीनलैंड पहुंच जाने की वजह से उस जमीन का मालिकाना हक उन्हें नहीं मिल जाता।'
'मालिकाना हक की रक्षा अलग तरीके से होती है'
ट्रंप ने आगे कहा, 'ग्रीनलैंड में हमारी भी कई नावें गई हैं। हमें इसकी जरूरत है क्योंकि अगर आप ग्रीनलैंड के आसपास देखें तो वहां रूस के विध्वंसक जहाज, चीन के विध्वंसक जहाज और बड़ी-बड़ी रूसी पनडुब्बियां मौजूद हैं। हम रूस या चीन को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने नहीं देंगे। अगर हम ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं करते, तो वे कर लेंगे।' जब उनसे पूछा गया कि ग्रीनलैंड का 'मालिक' बनना ही क्यों जरूरी है, जबकि अमेरिका वहां अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा सकता है, तो ट्रंप ने कहा कि मालिकाना हक की रक्षा अलग तरीके से होती है, लीज की नहीं।
'अगर मैं नहीं होता, तो NATO नहीं होता'
ट्रंप ने कहा, 'जब हम इसके मालिक होते हैं, तो हम इसकी रक्षा करते हैं। आप लीज की रक्षा उसी तरह नहीं करते। आपको मालिक बनना पड़ता है। देशों का मालिकाना हक होना चाहिए और आप मालिकाना हक की रक्षा करते हैं। आप लीज की रक्षा नहीं करते। अगर हम नहीं करेंगे, तो चीन या रूस करेंगे। हम ऐसा नहीं होने देंगे, NATO को यह समझना चाहिए। मैं NATO का पूरा समर्थक हूं। अगर मैं नहीं होता, तो NATO नहीं होता।' ट्रंप ने डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड पर कब्जे की अपनी कोशिश को फिर से शुरू किया है। यह इलाका दुर्लभ पृथ्वी खनिज, यूरेनियम और लोहे जैसे प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है।
Latest World News