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भारत-पाकिस्तान के बीच बना हुआ है परमाणु संघर्ष का खतरा', अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में हुआ खुलासा

भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु संघर्ष का खतरा बना हुआ है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में पाकिस्तान और तालिबान के संबंधों का भी जिक्र किया गया है।

India-Pakistan Border- India TV Hindi
Image Source : AP India-Pakistan Border

India-Pakistan Nuclear Conflict: अमेरिकी सीनेट में बुधवार को पेश की गई 'यूएस इंटेलिजेंस कम्युनिटी' की वार्षिक खतरे के आकलन रिपोर्ट के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों के चलते परमाणु संघर्ष का जोखिम अभी भी बना हुआ है। 34 पन्नों की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि गया है कि हालांकि भारत और पाकिस्तान दोनों ही देश सीधे तौर पर संघर्ष शुरू करने की इच्छा नहीं रखते, लेकिन आतंकवादी तत्वों की ओर से संकट पैदा करने और उसे बढ़ावा देने वाली परिस्थितियां मौजूद हैं।

दोनों देशों में हो चुके हैं टकराव

रिपोर्ट में साफ कहा गया है, ''भारत-पाकिस्तान संबंध की वजह से परमाणु संघर्ष का खतरा बना हुआ है। दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच पहले भी कई टकराव हो चुके हैं, जिससे तनाव बढ़ने और स्थिति बिगड़ने का खतरा उत्पन्न होता है। पिछले साल जम्मू-कश्मीर में पहलगाम के पास हुए आतंकी हमले के बाद संघर्ष भड़कने के खतरों को बढ़ा दिया है।''

पाकिस्तान-तालिबान के संबंधों का भी किया गया जिक्र

रिपोर्ट कहती है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के कारण हाल के परमाणु तनाव में कमी आई है और हमारा मूल्यांकन है कि दोनों देश खुली जंग में वापस लौटना नहीं चाहते हैं, लेकिन फिर भी आतंकवादी तत्वों द्वारा संकटों को बढ़ाने वाली स्थितियां बनी हुई हैं। इसके अलावा, दस्तावेज में पाकिस्तान और तालिबान के बीच संबंधों को तनावपूर्ण बताया गया है, जहां सीमा पार झड़पें नियमित रूप से होती रहती हैं। इस्लामाबाद अफगानिस्तान में पाकिस्तान-विरोधी आतंकवादी समूहों की मौजूदगी से लगातार चिंतित और निराश रहा है, जबकि पाकिस्तान को अपनी सीमाओं पर बढ़ती आतंकवादी हिंसा का सामना करना पड़ रहा है।

अमेरिका के लिए बढ़ा मिसाइल खतरा

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, अमेरिका की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस प्रमुख तुलसी गबार्ड ने बुधवार को सीनेटरों को संबोधित करते हुए कहा था कि पाकिस्तान की ओर से विकसित लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में ऐसी मिसाइलें भी शामिल हो सकती हैं जो अमेरिका को निशाना बनाने में सक्षम हों। सीनेट खुफिया समिति के समक्ष राष्ट्रीय खुफिया निदेशक गबार्ड ने यह भी कहा कि अमेरिका को होने वाले मिसाइल खतरे वर्तमान में 3,000 से अधिक मिसाइलों से बढ़कर 2035 तक 16,000 से अधिक मिसाइलों तक पहुंच सकते हैं।

अमेरिका को हो सकता है खतरा

तुलसी गबार्ड ने जोर देकर कहा कि अमेरिका की सुरक्षित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता सामरिक खतरों से राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा, उन्होंने कहा, ''हालांकि, रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक पेलोड से लैस कई नवीन, उन्नत या पारंपरिक मिसाइल वितरण प्रणालियों पर शोध और विकास कर रहे हैं, जो हमारे देश को खतरे की जद में ला सकते हैं।'' 

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