Iran US Peace Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वार्ताकारों को ईरान से वार्ता के लिए इस्लामाबाद भेजने से इनकार कर दिया है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात के बाद तेहरान लौट आए हैं। ऐसे में दूसरे दौर की वार्ता भी विफल साबित हुई है।
ट्रंप ने बताई अपने दूतों को इस्लामाबाद नहीं भेजने की वजह
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने शीर्ष दूतों स्टीव विटकॉफ और जरेड कुश्नर को ईरान के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान न जाने का निर्देश दिया है। फॉक्स न्यूज़ को दिए बयान में ट्रंप ने कहा, “वे (ईरानी) जब चाहें हमें फोन कर सकते हैं।” ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि जब तक अमेरिका उनके बंदरगाहों पर नाकाबंदी लगाए हुए है, तब तक उससे कोई बातचीत नहीं होगी। पेजेश्कियन ने शनिवार रात पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बातचीत में कहा कि अमेरिका को पहले “सभी परिचालन संबंधी बाधाओं को हटाना चाहिए, जिसमें नाकाबंदी भी शामिल है”, तभी नए दौर की बातचीत हो सकती है। यह जानकारी ईरान की ISNA और तस्नीम समाचार एजेंसियों ने दी। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शनिवार शाम को पाकिस्तान से रवाना हो गए।
ट्रंप प्रशासन ने चीन की 40 कंपनियों पर बैन भी लगाया
ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि इजरायल और लेबनान से व्हाइट हाउस में हुई बातचीत के बाद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह दोनों देशों के बीच इस महीने दूसरी उच्च-स्तरीय बातचीत थी। मूल 10 दिनों का युद्धविराम सोमवार को समाप्त होने वाला था। ट्रंप प्रशासन ने चीन स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी और ईरानी तेल ढोने में शामिल लगभग 40 शिपिंग कंपनियों तथा टैंकरों पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं।
शुक्रवार को घोषित यह कदम ट्रंप प्रशासन की उस धमकी का हिस्सा है जिसमें ईरान के साथ कारोबार करने वाली संस्थाओं पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी, ताकि ईरान के तेल निर्यात को रोका जा सके, जो उसकी आय का प्रमुख स्रोत है। मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण जेट ईंधन की आपूर्ति प्रभावित होने और कीमतें बढ़ने से दुनिया भर की एयरलाइंस उड़ानें रद्द करने लगी हैं। विशेषज्ञों ने यात्रियों को बताया है कि अगर उनकी उड़ान रद्द हो जाए तो क्या करना चाहिए।
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