न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़े एक प्रस्ताव पर रूस और चीन ने वीटो कर दिया है। यह प्रस्ताव पहले ही कई बार कमजोर किया जा चुका था ताकि दोनों देश इसे स्वीकार कर लें, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इसे वीटो कर दिया। 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में इस प्रस्ताव पर वोटिंग 11-2 से हुई, जबकि पाकिस्तान और कोलंबिया ने मतदान से दूरी बनाई। यह वोटिंग उस समय हुई जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को रात 8 बजे (ईस्टर्न समय) तक जलडमरूमध्य को खोल देने की वरना बड़े हमले झेलने की चेतावनी दी थी।
बहरीन के प्रस्ताव में हुए थे कई बार बदलाव
बता दें कि इस प्रस्ताव को बहरीन ने पेश किया था। शुरुआत में इसमें 'सभी जरूरी उपाय' अपनाने की बात कही गई थी, जिसका मतलब सैन्य कार्रवाई की अनुमति भी हो सकता था। इसका उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करना और इसे बंद करने की कोशिशों को रोकना था। लेकिन रूस, चीन और फ्रांस जैसे वीटो शक्ति वाले देशों के विरोध के बाद प्रस्ताव में बड़े बदलाव किए गए। अंतिम प्रस्ताव में किसी भी तरह की सैन्य या आक्रामक कार्रवाई की अनुमति हटा दी गई।
हॉर्मुज से गुजरता है दुनिया का 20 फीसदी तेल
अंतिम प्रस्ताव में केवल इतना कहा गया कि इस जलमार्ग का इस्तेमाल करने वाले देश आपसी सहयोग से रक्षात्मक कदम उठाएं ताकि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बनी रहे। बता दें कि 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल गुजरता है। रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने 10 से ज्यादा देशों में होटल, एयरपोर्ट, रिहायशी इलाकों और अन्य नागरिक ढांचे को निशाना बनाया है। इनमें खाड़ी क्षेत्र के देश भी शामिल हैं, जो दुनिया के बड़े तेल और गैस निर्यातक हैं।
Latest World News