वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कुछ फैसलों से लगातार हड़कंप मच रहा है। अमेरिकी विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के प्रवेश पर पाबंदी का ऐलान करने के बाद अब उन्होंने अपने ही देश के कर्मचारियों के खिलाफ एक ऐलान कर दिया है। इससे हलचल पैदा हो गई है। ट्रंप की योजना के मुताबिक अब अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) से बड़े पैमान पर कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी। एनएससी में अब व्यापक फेरबदल की योजना बनाई जा रही है, जिसके तहत कई राजनीतिक नियुक्तियों को हटाया जाएगा और सैकड़ों कर्मचारियों को भी हटाया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक एनएससी से हटाये जाने वाले कर्मचारियों को उनकी मूल एजेंसियों में वापस भेजा जाएगा। ट्रंप के इस फैसले से NSC में कर्मचारियों में आक्रोश है। इसके साथ ही एनएससी में कर्मियों की संख्या में भारी कमी आने की संभावना है। बता दें कि वर्तमान में NSC में लगभग 395 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें करीब 180 सहायक स्टाफ शामिल हैं। फेरबदल के तहत करीब 90 से 95 ऐसे विशेषज्ञों को हटाया जाएगा, जो विभिन्न सरकारी एजेंसियों से अस्थायी रूप से प्रतिनियुक्त किए गए हैं। उन्हें अपनी मूल एजेंसियों में लौटने का विकल्प दिया जाएगा।
राजनीतिक नियुक्तियों पर भी असर
एनएससी में की गई राजनीतिक नियुक्तियों में भी बड़ा फेरबदल करने का ऐलान किया गया है। एनएससी में की गई राजनीतिक नियुक्तियों वाले व्यक्तियों को प्रशासन में अन्य पदों पर स्थानांतरित किया जाएगा।यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब इस माह की शुरुआत में माइक वाल्ट्ज को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद से हटाया गया था। उनकी जगह विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अस्थायी रूप से यह जिम्मेदारी संभाली है। वाल्ट्ज को संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका का अगला राजदूत नामित किया गया है।
क्या है एनएससी
NSC, व्हाइट हाउस की वह शाखा है जो राष्ट्रपति को राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े मामलों में सलाह देती है और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करती है। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि यह फेरबदल प्रक्रिया जारी है। उनके अनुसार, उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एंडी बेकर और राष्ट्रपति के नीति सहायक रॉबर्ट गेब्रियल, अब उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की भूमिका निभाएंगे। (एपी)
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