वाशिंगटनः दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए हमले और पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुए विस्फोट पर प्रतिक्रियाएं देने में अमेरिका का पक्षपात साफ नजर आया। अमेरिका ने इस्लामाबाद में हुए विस्फोट पर त्वरित और कड़ी प्रतिक्रिया दी। जबकि दिल्ली में हुए ब्लास्ट पर अमेरिका का रिएक्शन 24 घंटे बाद और पाकिस्तान पर प्रतिक्रिया देने के उपरांत आया। इससे अमेरिका का डबल स्टैंडर्ड दुनिया के सामने उजागर हो गया है।
इस्लामाबाद पर दी सख्त प्रतिक्रिया
अमेरिका ने इस्लामाबाद विस्फोट के तुरंत बाद सख्त प्रतिक्रिया दी। इसमें इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास ने लिखा, "आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष में संयुक्त राज्य अमेरिका पाकिस्तान के साथ एकजुटता से खड़ा है। आज के इस बेतुके और मूर्खतापूर्ण हमले में अपनी जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति हमारी संवेदना है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। हम इस हमले और सभी प्रकार के आतंकवाद की निंदा करते हैं और पाकिस्तान सरकार द्वारा उनके देश में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
दिल्ली ब्लास्ट पर 24 घंटे बाद दी सिर्फ औपचारिक प्रतिक्रिया
अमेरिका ने पाकिस्तान में हुए हमले के तुरंत बाद सख्त प्रतिक्रिया दी और आतंकवाद की कड़ी निंदा की, वहीं भारत की राजधानी दिल्ली में इस्लामाबाद से एक दिन पहले हुई घटना पर अमेरिकी राजदूत ने 24 घंटे बाद रिएक्शन दिया। इसमें भी सिर्फ औपचारिक बयान देकर काम चलाया। यहां पर यह भी जानना जरूरी है कि भारत में हुए हमले पर अमेरिका ने अपनी प्रतिक्रिया पाकिस्तान विस्फोट की निंदा करने के बाद दी। नई दिल्ली में हुए हमले पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने लिखा, "हमारी संवेदनाए और प्रार्थनाएं उन लोगों के परिवारों के साथ हैं जो कल रात नई दिल्ली में हुए भयानक विस्फोट में मारे गए। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।"
ट्रंप का डबल स्टैंडर्ड उजागर
नई दिल्ली और इस्लामाबाद पर आई अमेरिका की उक्त प्रतिक्रियाएं आतंकवाद पर उसके डबल स्टैंडर्ड को दर्शाती हैं। अमेरिका का रवैया भारत के प्रति तब से नकारात्मक हो गया है, जब से नई दिल्ली ने उसके टैरिफ आदेशों के आगे झुकने से इनकार कर दिया। इसके बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान पर मेहरबान हैं।
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