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Hindi News विदेश अमेरिका अपनों के लिए ही काल बना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का आदेश, पहले रिवॉर्ड के रूप में ट्रंप के 3 अधिकारियों पर मुकदमा

अपनों के लिए ही काल बना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का आदेश, पहले रिवॉर्ड के रूप में ट्रंप के 3 अधिकारियों पर मुकदमा

ट्रंप का अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का आदेश उनके अपने ही लोगों के लिए काल बनने लगा है। दुनिया की जानी-मानी एसोशिएटेड प्रेस समाचार एजेंसी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बाधित करने के आरोप में ट्रंप के ही 3 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति। - India TV Hindi Image Source : AP डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति।

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का आदेश अपनों के लिए ही काल बन गया। पहले रिवॉर्ड के रूप में समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) ने ट्रंप प्रशासन के 3 अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया है। एजेंसी ने राष्ट्रपति के कार्यक्रमों तक उसकी पहुंच बाधित करने के मामले में डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन के तीन अधिकारियों पर शुक्रवार को यह मुकदमा दायर किया।

दरअसल, अमेरिका ने हाल में ‘मेक्सिको की खाड़ी’ का नाम बदलकर ‘अमेरिका की खाड़ी’ रखने का आदेश जारी किया था लेकिन ‘एपी’ ने कहा था कि वह ‘मेक्सिको की खाड़ी’ नाम का ही इस्तेमाल करना जारी रखेगा। उसका कहना है कि दुनिया भर में समाचार प्रसारित करने वाली एक वैश्विक समाचार एजेंसी के रूप में उसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्थानों के उन नाम का इस्तेमाल किया जाए, जिन्हें लोग आसानी से पहचान सकें। इसके बाद, अमेरिका ने ‘एपी’ के पत्रकारों को कई सरकारी कार्यक्रमों को कवर करने से रोक दिया था। ‘

अमेरिकी न्यायालय में दर्ज हुआ केस

एपी’ के पत्रकारों की सरकारी कार्यक्रमों तक पहुंच को बाधित करने के अमेरिकी प्रशासन के फैसले के खिलाफ मुकदमा शुक्रवार दोपहर वाशिंगटन में अमेरिकी जिला न्यायालय में दायर किया गया। यह मामला ट्रंप द्वारा नामित अमेरिकी जिला न्यायाधीश ट्रेवर मैकफैडेन को सौंपा गया है। ‘एपी’ ने कहा कि ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) द्वारा भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बाधित करने के असंवैधानिक प्रयास के खिलाफ यह मुकदमा दर्ज किया गया है। ‘एपी’ ने अपने मुकदमे में कहा, ‘‘प्रेस एवं अमेरिका के सभी लोगों को अपने शब्द चुनने का अधिकार है और सरकार को उनसे प्रतिशोध नहीं लेना चाहिए।’’ इस मुकदमे में ‘व्हाइट हाउस’ की ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ सुजैन विल्स, ‘डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ’ टेलर बुडोविच और प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट का नाम शामिल है।  (एपी)

 

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