ह्वाइट हाउस के कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर पार्टी में ट्रंप की हत्या के प्रयास पर आया विश्व नेताओं का बयान, जानें किसने क्या कहा?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ह्वाइट हाउस में कॉरेस्पान्डेंट डिनर पार्टी के दौरान हुए हमले की विश्व नेताओं ने सख्त निंदा की है। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।

वाशिंगटन: ह्वाइट हाउस के कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर पार्टी में हुई गोलीबारी के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश करने के खिलाफ विश्व नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। सभी विश्व नेताओं ने एक सुर में इस हमले को लोकतंत्र के खिलाफ बताया है। विश्व नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा की कोई जगह नहीं है।
जानिये किसने क्या कहा?
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे राहत महसूस कर रहे हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस सुरक्षित और सकुशल हैं। मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इसे स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने X पर लिखा, “वाशिंगटन डीसी के एक होटल में हालिया सुरक्षा घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी और उपराष्ट्रपति को सुरक्षित और सकुशल जानकर राहत हुई। मैं उनकी निरंतर सुरक्षा और भलाई की कामना करता हूं। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इसे पूर्ण रूप से निंदा की जानी चाहिए।”
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने की कड़ी निंदा
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने घटना पर हैरानी जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कोई भी हमला सबसे मजबूत शब्दों में निंदा किए जाने योग्य है। उन्होंने X पर लिखा, “व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में रात भर हुई घटना से मैं स्तब्ध हूँ। लोकतांत्रिक संस्थाओं या प्रेस की स्वतंत्रता पर कोई भी हमला सबसे कड़ी निंदा का पात्र है।”
मैक्रों ने हमले को बताया अस्वीकार्य
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने ट्रंप को पूर्ण समर्थन देते हुए हमले को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “कल रात अमेरिकी राष्ट्रपति को निशाना बनाकर किया गया सशस्त्र हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। मैं डोनाल्ड ट्रंप को अपना पूर्ण समर्थन देता हूं।”
मेलोनी ने कहा-लोकतंत्र में राजनीतिक नफरत को नहीं दे सकते जगह
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया और उपराष्ट्रपति वेंस के प्रति “पूर्ण एकजुटता और सच्ची निकटता” व्यक्त की। उन्होंने X पर लिखा, “हमारे लोकतंत्रों में राजनीतिक नफरत को कोई स्थान नहीं मिल सकता। हम कट्टरता को मुक्त बहस और सूचना के स्थानों को ज़हर देने की अनुमति नहीं देंगे। संघर्ष की संस्कृति की रक्षा हमारे राष्ट्रों की नींव वाले मूल्यों की रक्षा के लिए असहनीय दीवार बनी रहेगी।”
कनाडा के पीएम ने कहा-चिंताजनक
कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस घटना को “चिंताजनक” बताया। उन्होंने X पर लिखा, “व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में गोलीबारी की खबर के बाद राष्ट्रपति, फर्स्ट लेडी और सभी मेहमानों को सुरक्षित जानकर राहत हुई। किसी भी लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा का कोई स्थान नहीं है। इस चिंताजनक घटना से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएँ हैं।” वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि वे “बड़ी हैरानी” में हैं। उन्होंने लिखा, “राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी और अन्य उपस्थित लोगों को सुरक्षित जानकर राहत हुई।
विश्व नेताओं ने रविवार को राहत व्यक्त की कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके शीर्ष अधिकारी व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में हुई गोलीबारी की घटना में सुरक्षित रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा का कोई स्थान नहीं है।शनिवार शाम को वाशिंगटन हिल्टन होटल में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान एक व्यक्ति ने कई हथियारों से लैस होकर बॉलरूम के बाहर गोलीबारी की। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
दक्षिण कोरिया और जापान ने भी किया हिंसा का विरोध
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कहा कि राजनीतिक हिंसा “किसी भी परिस्थिति में कभी उचित नहीं ठहराई जा सकती।” उन्होंने कहा कि कोरिया गणराज्य की सरकार लोकतंत्र और कानून के शासन के मूल्यों को कमज़ोर करने वाली सभी प्रकार की हिंसा और अतिवाद का दृढ़ता से विरोध करती है। जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने कहा, “दुनिया में कहीं भी हिंसा को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने लिखा, “डरावनी गोलीबारी के बाद राष्ट्रपति ट्रंप को सुरक्षित जानकर राहत हुई। हिंसा को दुनिया में कहीं भी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।”
नेतन्याहू ने कहा-घटना से स्तब्ध हूं
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को “सभी लोकतंत्रों पर हमला” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “यह सिर्फ डोनाल्ड ट्रंप पर हमला नहीं था। यह अमेरिका के राष्ट्रपति पर हमला था। यह अमेरिका पर हमला था। यह लोकतंत्र पर हमला था, यह सभी लोकतंत्रों पर हमला था।” मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी के सुरक्षित होने की अच्छी खबर है। “हम उन्हें अपना सम्मान भेजते हैं। हिंसा कभी रास्ता नहीं होना चाहिए।”
ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज ने अमेरिकी सीक्रेट सर्विस को सराहा
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा कि सभी उपस्थित लोगों के सुरक्षित होने की खबर सुनकर खुशी हुई। “हम सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तेज कार्रवाई की सराहना करते हैं।” वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने ट्रंप पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने कहा, “हम उन्हें और कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के सभी मेहमानों को शुभकामनाएं भेजते हैं। शांति के मूल्यों को मानने वालों के लिए हिंसा कभी विकल्प नहीं हो सकती।”
यूक्रेन के विदेश मंत्री
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने भी गोलीबारी की निंदा की। उन्होंने कहा, “हम व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में हुई गोलीबारी की निंदा करते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप, उपराष्ट्रपति वेंस और अन्य उपस्थित लोगों के सुरक्षित होने से राहत हुई। ऐसी हिंसा का कोई औचित्य नहीं है और इसे लोकतांत्रिक समाज में कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए।” उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों में ट्रंप पर दो बार हत्या के प्रयास हो चुके हैं। पहला 13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया के बटलर में चुनावी रैली के दौरान और दूसरा 15 सितंबर 2024 को फ्लोरिडा के पाम बीच में।