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निर्यात बढ़ाने के लिए लॉजिस्टिक्स में सुधार जरूरी

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Apr 30, 2016 01:43 pm IST,  Updated : Apr 30, 2016 01:43 pm IST

नितिन गडकरी ने कहा कि भारत में ऊंची लॉजिस्टिक्स लागत निर्यात वृद्धि तथा देश के आर्थिक विकास में बड़ी बाधा हैं और इसे कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

निर्यात बढ़ाने के लिए लॉजिस्टिक्स में सुधार जरूरी, रेलवे ने व्‍यस्‍त सीजन शुल्‍क लिया वापस- India TV Hindi
निर्यात बढ़ाने के लिए लॉजिस्टिक्स में सुधार जरूरी, रेलवे ने व्‍यस्‍त सीजन शुल्‍क लिया वापस

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत में ऊंची लॉजिस्टिक्स लागत निर्यात वृद्धि तथा देश के आर्थिक विकास में बड़ी बाधा हैं और इसे कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी कर देश में निर्यात 1.5 गुना बढ़ाया जा सकता है साथ ही इससे तीव्र आर्थिक वृद्धि की राह खुलेगी। गडकरी ने कहा कि देश में मौजूदा लॉजिस्टिक्स लागत 18 प्रतिशत तक ऊंची है, जो कि चीन व यूरोप आदि की तुलना में काफी अधिक है।

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रेलवे ने माल भाड़े पर 15 फीसदी व्यस्त सीजन शुल्क वापस लिया

रेलवे ने मूल माल ढुलाई सेवा पर 15 फीसदी व्यस्त सीजन शुल्क (बीएससी) एक मई से वापस लेने की घोषणा की है। माल ढुलाई भाड़े को युक्तिसंगत बनाने की पहल के तहत यह कदम उठाया गया है। व्यस्त सीजन शुल्क वापस लेने का निर्णय एक मई से 30 जून 2016 तक लागू होगा। यह ढके हुए डिब्बों पर लागू होगा।

बीएससी वापस लिए जाने की घोषणा करते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा, हम माल ढुलाई में सड़क क्षेत्र से पिछड़ रहे हैं। हम माल भाड़े को युक्तिसंगत बनाकर इसे फिर से प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। मौजूदा नीति के तहत यह शुल्क कम व्यस्त सीजन जुलाई से सितंबर तक नहीं लगाया जाता है। प्रभु ने कहा कि अगर हम लदान की मात्रा बढ़ाते हैं तो आय भी बढ़ेगी। ऐसा अनुमान है कि बीएससी वापस लिए जाने से लदान में करीब 60 से 70 लाख टन की वृद्धि होगी। इससे अधिभार वापस लेने से होने वाले नुकसान की भरपाई हो सकेगी।

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