1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस के घट सकते हैं प्रीमियम, नितिन गडकरी ने वित्त मंत्री से GST हटाने की मांग की

लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस के घट सकते हैं प्रीमियम, नितिन गडकरी ने वित्त मंत्री से GST हटाने की मांग की

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Jul 31, 2024 01:21 pm IST,  Updated : Jul 31, 2024 01:21 pm IST

जीवन बीमा और हेल्थ इंश्योरेंस दोनों के प्रीमियम पर अभी 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता है। पत्र में लिखा गया है कि जीवन बीमा प्रीमियम पर जीएसटी लगाना जीवन की अनिश्चितताओं पर कर लगाने के समान है।

Nitin Gadkari - India TV Hindi
नितिन गडकरी Image Source : PTI

देश के लाखों इंश्योरेंस प्रॉपर्टी लेने वालों को आने वाले दिनों में राहत मिल सकती है। दरअसल, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, नितिन गडरकी ने इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम पर लगने वाले जीएसटी को खत्म करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है। अगर, इस पत्र की मांग को मांगते हुए वित्त मंत्री बीमा प्रीमियम पर से जीएसटी खत्म करती है तो इससे लाखों लोगों को राहत ​मिलेगा क्योंकि प्रीमियम कम हो जाएगी। गडकरी ने अपने पत्र में कहा कि वे नागपुर मंडल जीवन बीमा निगम कर्मचारी संघ के ज्ञापन के बाद यह पत्र वित्त मंत्री को लिखा है। मंत्री ने पत्र में लिखा है कि संघ द्वारा उठाया गया मुख्य मुद्दा जीवन और चिकित्सा बीमा प्रीमियम पर जीएसटी वापस लेने से संबंधित है। 

18 प्रतिशत की दर से लगता है जीएसटी 

जीवन बीमा और हेल्थ इंश्योरेंस दोनों के प्रीमियम पर अभी 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता है। पत्र में लिखा गया है कि जीवन बीमा प्रीमियम पर जीएसटी लगाना जीवन की अनिश्चितताओं पर कर लगाने के समान है। उन्होंने कहा, "संघ का मानना ​​है कि जो व्यक्ति परिवार को कुछ सुरक्षा देने के लिए जीवन की अनिश्चितताओं के जोखिम को कवर करता है, उससे इस जोखिम के लिए कवर खरीदने के प्रीमियम पर कर नहीं लगाया जाना चाहिए। इसी तरह, चिकित्सा बीमा प्रीमियम पर 18% जीएसटी इस व्यवसाय के विकास के लिए बाधक साबित हो रहा है, जो सामाजिक रूप से आवश्यक है। इसलिए, उन्होंने बीमा प्रीमियम पर लगने वाले जीएसटी को वापस लेने का आग्रह किया है।"

जीएसटी खत्म करने पर जल्द विचार करें 

गडकरी ने कहा कि उनसे मिलने वाले यूनियन ने जीवन बीमा के माध्यम से बचत के लिए अलग-अलग व्यवहार, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए आईटी कटौती की पुनः शुरूआत और सार्वजनिक और क्षेत्रीय सामान्य बीमा कंपनियों के एकीकरण से संबंधित मुद्दे भी उठाए। पूर्व भाजपा प्रमुख ने पत्र में कहा है, "उपर्युक्त के मद्देनजर, आपसे अनुरोध है कि जीवन और चिकित्सा बीमा प्रीमियम पर जीएसटी को वापस लेने के सुझाव पर प्राथमिकता के आधार पर विचार करें क्योंकि यह नियमों के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों के लिए बोझिल हो जाता है, साथ ही अन्य प्रासंगिक बिंदुओं पर उचित सत्यापन भी किया जाना चाहिए।"

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा