यह प्रस्तावित बिल मौजूदा शीतकालीन सत्र (19 दिसंबर तक) में संसद में पेश किया जाएगा। अब तक बीमा क्षेत्र में लगभग ₹82,000 करोड़ का एफडीआई निवेश हो चुका है।
शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने वाले अन्य आर्थिक विधेयकों में दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025, मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025, राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2025 और कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 शामिल हैं।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में भाग लेने वाले बैंक या डाकघर इस योजना के मास्टर पॉलिसीधारक हैं। 18 से 50 वर्ष की आयु के सभी व्यक्तिगत (सिंगल या ज्वाइंट) खाताधारक इस योजना में शामिल होने के पात्र हैं।
इंडिविजुअल लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर माल एवं सेवा कर (GST) में हालिया कटौती ने इंश्योरेंस कंपनियों की समग्र वृद्धि गति को बनाए रखने में मदद की है।
हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी एक अच्छा विकल्प हो सकता है, खासकर जब आप बेहतर कवरेज या सेवा की तलाश में हैं। लेकिन इसे अपनाने से पहले इसके नियम, संभावित बढ़ी हुई लागत और नई शर्तों को समझ लेना जरूरी है।
वित्त मंत्री ने इस साल के बजट भाषण में, नई पीढ़ी के वित्तीय क्षेत्र सुधारों के तहत बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा को मौजूदा के 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा था।
जीएसटी काउंसिल आम टैक्सपेयर्स और कारोबारियों को राहत देने की कोशिश में है। इसके लिए नए फैसले लिए जाने की बात सामने आई है। कुछ जीवनरक्षक दवाओं पर भी टैक्स में राहत दी जा सकती है।
बीमा लोकपाल परिषद (CIO) की 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट में हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के नाम और उनके खिलाफ आई शिकायतों का जिक्र है।
हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों की सेवाओं से परेशान होकर हर साल हजारों लोग बीमा लोकपाल में इनकी शिकायत दर्ज कराते हैं। शिकायतों के आधार पर बीमा लोकपाल परिषद (CIO) की 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट में सबसे ज्याजा शिकायतों वाली 5 कंपनियों की पहचान हुई है।
AHPI ने आरोप लगाया कि बजाज आलियांज ने कई सालों पुराने कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर अस्पतालों को भुगतान दरें तय कर रखी हैं और बढ़ती चिकित्सा लागत के अनुरूप इसमें बदलाव करने से इनकार कर रही है।
भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण जल्द ही इस प्रस्ताव पर एक परामर्श पत्र (कंसल्टेशन पेपर) जारी करेगा, जिसमें स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे जाएंगे। बीमा कंपनियां, उपभोक्ता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसमें भाग लेंगे।
एलआईसी ने अपने एक बयान में कहा कि इस योजना के तहत रिवाइवल के लिए पात्र होने पर सभी नॉन-लिंक्ड यानी टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी स्कीम के लिए लेट फीस में 30 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जो अधिकतम 5000 रुपये तक हो सकती है।
एलआईसी बीमा सखी का उद्देश्य महिलाओं को एलआईसी एजेंट के रूप में भर्ती और प्रशिक्षित करना है, जिससे उन्हें आय अर्जित करने में मदद मिलेगी।
2298 करोड़ रुपये का जीएसटी डिमांड नोटिस मिलने के बाद न्यू इंडिया एश्योरेंस ने कहा कि वे अपने टैक्स सलाहकारों की राय के आधार पर तय समय के भीतर इस नोटिस का विस्तृत जवाब दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।
एलआईसी ने कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) के बदले, विमान दुर्घटना के कारण पॉलिसीधारक की मृत्यु के सरकारी रिकॉर्ड में कोई भी सबूत या केंद्र/राज्य सरकार/एयरलाइन अधिकारियों द्वारा पेमेंट किया गया कोई भी मुआवजा मृत्यु के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
एयर इंडिया की पैरेंट कंपनी टाटा ग्रुप ने इस हादसे में मारे गए लोगों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
हेल्थ इंश्योरेंस जल्दी खरीदकर, आप सुनिश्चित करते हैं कि आप उम्र बढ़ने के साथ कई संभावित चिकित्सा खर्चों के लिए पूरी तरह से कवर हैं। आप जितनी देर करेंगे, व्यापक कवरेज हासिल करने के लिए आपके पास उतने ही कम विकल्प होंगे।
ट्रैवल इंश्योरेंस बहुत ही फायदे की चीज है। काफी कम खर्च में आप इसको लेकर अपनी यात्रा को सुखद और सुरक्षित बना सकते हैं।
हाईकोर्ट की पीठ ने फैसला सुनाया कि हमारे विचार में, मेडिक्लेम पॉलिसी के तहत दावेदार द्वारा हासिल किसी भी राशि की कटौती स्वीकार्य नहीं होगी।
केयर हेल्थ इंश्योरेंस की वेबसाइट पर उपलब्ध कंपनी के एक बयान के अनुसार, "ग्राहकों के दृष्टिकोण से अनसस्टेनेबल डिमांड्स के कारण हमने तत्काल प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर के सभी मैक्स अस्पतालों में कैशलेस क्लेम सेवाएं बंद कर दी हैं।"
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