यूपी में विख्यात टाइगर रिजर्व पीलीभीत में है। देश ही नहीं दुनियाभर से लोग यहां घूमने आते हैं। अगर आप भी यहां घूमने जाना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ ही दिन का वक्त और बचा है। इसके बाद इस साल का पर्यटन सत्र समाप्त हो जाएगा। इसके बाद यहां घूमने के लिए आपको लंबा इंतजार करना पड़ेगा। पीलीभीत के इस टाइगर रिजर्व में बहुतायत में टाइगर यानी बाघ पाए जाते हैं।
साल 2014 में पीलीभीत के जंगल को मिला था टाइगर रिजर्व का दर्जा
पीलीभीत तराई में बसा यूपी का एक छोटा सा जिला है। यहां पर जंगल को सदियों से रहा है, लेकिन इसे टाइगर रिजर्व का दर्ज साल 2014 में दिया गया था। ऐसा यहां के जीव जन्तुओं की सुरक्षा के लिए फैसला लिया गया था। यूपी में केवल तीन ही टाइगर रिजर्व हैं, इसमें एक पीलीभीत का भी है। लखीमपुर का दुधवा टाइगर रिजर्व भी है। ये टाइगर रिजर्व नेपाल की सीमा से काफी सटा हुआ है और करीब 73000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। इसकी खूबसूरती देखते ही बनी हैं।
इस साल का पर्यटन सत्र 15 जून को हो जाएगा बंद
यहां पर टाइगर रिजर्व तो है ही, साथ ही चूका बीच भी है, जो मिनी गोवा भी कहा जाता है। यहां भी हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। हर साल जून में इसे बंद कर दिया जाता है। दरअसल बारिश के मौसम में जंगल के रास्ते चलने लायक नहीं रहते। साथ ही यही पशुओं के प्रजनन का भी वक्त होता है। दुनियाभर के कोलाहल से दूर इस दौरान जंगली जानवर आराम से रहते हैं। इस बार पर्यटन सत्र 15 जून से बंद होने जा रहा है। जंगल आम आदमी के लिए करीब 5 महीने के लिए बंद रहेगा।

नवंबर में फिर से खुलेगा पीलीभीत का टाइगर रिजर्व
अगर आप इस छुट्टी के वक्त में इस टाइगर रिजर्व घूमने जाना चाहते हैं तो आपके पास कुछ ही दिन का वक्त है, इसके बाद पांच महीने का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। नवंबर में फिर से इसके दरवाजे आम लोगों के लिए खेले जाएंगे। वैसे इसके खुलने का वक्त 1 से 15 नवंबर के बीच होता है, लेकिन मौसम को देखकर इसका ऐलान किया जाता है। इसके बाद फिर से अगले साल जून तक खुला रहता है। अगर आप आखिरी वक्त में यहां घूमने का प्लान बना रहे हैं तो इसका ख्याल रखिएगा कि अभी भारी संख्या में लोग आते हैं, ऐसे में अगर आप पहले से बुकिंग करा लेंगे तो आसानी होगी। पीलीभीत के टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का अपना अलग ही मजा है।
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