Viral Video : टेक्सास में एक भारतीय रेस्तरां चलाने वाली मुंबई में जन्मी एक महिला का वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इसमें उसने कहा कि, 'मैं अपने भारतीय रेस्तरां में भारतीयों को नौकरी पर नहीं रखती।' इस टिप्पणी ने कई सोशल मीडिया यूजर्स को चौंका दिया, कुछ ने नीति पर सवाल उठाया जबकि अन्य ने स्थानीय लोगों को नौकरी देने पर उनके ध्यान की प्रशंसा की। अब ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @toastyindian नामक हैंडल से शेयर किया गया है। टेक्सास के न्यू ब्रौनफेल्स में स्थित 7 मोंक्स कैफे की मालिक रश्मी भट्ट ने अपनी भर्ती नीति से एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। वे बताती हैं कि, 'मैं अपने भारतीय रेस्टोरेंट में भारतीयों को नौकरी पर नहीं रखती। यह बात अक्सर लोगों को आश्चर्यचकित कर देती है, क्योंकि जब ज्यादातर लोग किसी भारतीय रेस्टोरेंट में जाते हैं, तो वे मान लेते हैं कि वहां काम करने वाले सभी लोग भारतीय ही होंगे। लेकिन हमने कभी भी इस तरह से कर्मचारियों की भर्ती नहीं की है। ब मैंने और मेरी मां ने सेवन मोंक्स कैफे खोला, तो हमारा इरादा भारतीय टीम बनाने का नहीं था। हमारा लक्ष्य त्वचा के रंग की परवाह किए बिना एक बेहतरीन टीम बनाना था। इसलिए, हमने हाई स्कूल के छात्रों, कॉलेज के छात्रों, सिंगल मदर्स, रिटायर्ड लोगों और जीवन में दूसरा मौका तलाश रहे लोगों को काम पर रखा है।' पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'हम किसी भी योग्य व्यक्ति को नौकरी पर रखते हैं, जिसमें भारतीय भी शामिल हैं। मैंने कई रेस्तरां को कुछ खास बैकग्राउंड के लोगों के साथ भेदभाव करते देखा है क्योंकि वे हमारे यहां मेल नहीं खाते, लेकिन मैं इसे बदल रही हूं।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
भारतीयों को नौकरी पर न रखने के उनके कारण को लेकर इंटरनेट पर मतभेद हैं। वीडियो को देखने के बाद कई यूजर्स मिली—जुली प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने उनके फैसले की आलोचना की, जबकि अन्य ने उनके दृष्टिकोण का समर्थन किया। एक यूजर ने लिखा कि, 'आपकी भर्ती नीतियां तो सराहनीय हैं, लेकिन हम तो असली खाना खाने आते हैं। अगर वहां कोई भारतीय रसोइया नहीं है, तो मैं वहां खाना नहीं खाऊंगा।' दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'अगर आप जानबूझकर एक नस्ल को बाहर कर रहे हैं तो यह समावेशी कैसे हो सकता है?' तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'आपकी भर्ती नीतियां भेदभावपूर्ण हैं और संभवतः कानून के खिलाफ हैं।' चौथे यूजर ने लिखा कि, 'खाने का असली स्वाद नहीं होगा… मैं एक भारतीय रेस्तरां में गया था जहां कर्मचारी हिस्पैनिक थे, उन्हें मेनू में से किसी भी आइटम का मतलब समझ नहीं आया… जब मैंने उनसे चाट मांगी, तो उन्होंने मुझे चाय दे दी।' पांचवें यूजर ने लिखा कि, 'हां, आप एक बेहतरीन टीम बनाने का लक्ष्य रख रहे होंगे, लेकिन भर्ती के दौरान भारतीयों को नजरअंदाज करके आप बुनियादी श्रम मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं, क्योंकि आप खुलेआम एक विशेष नस्ल के साथ भेदभाव कर रहे हैं। अगर श्रम विभाग आपके दरवाजे पर दस्तक देता है, तो आपको दंडित किया जा सकता है। सावधान रहें।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -
भारत में कौन सा नेता सबसे कम समय तक प्रधानमंत्री रहा, बता सकते हैं आप; नहीं जानते हैं तो जान लें
आजादी के बाद भारत में सबसे पहला बांध कौन सा बना था ? कहां पर मौजूद है सबसे पुराना डैम