भारत सरकार का वाणिज्य मंत्रालय पश्चिम एशिया संकट के बीच निर्यातकों की मदद के लिए बीमा सहायता उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को ये जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि एक अंतर-मंत्रालयी समूह दैनिक आधार पर हालात पर नजर रख रहा है और निर्यातकों के साथ संपर्क में है। उन्होंने कहा, "बीमा कवरेज और निर्यातकों को समर्थन देने को लेकर विचार चल रहा है। हम विकल्पों का आकलन कर रहे हैं।"
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से आयात-निर्यात प्रभावित
सीमा शुल्क विभाग ने पश्चिम एशिया संकट के कारण समुद्री मार्गों में व्यवधान और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से निर्यात मालवाहक जहाजों के भारतीय बंदरगाहों पर लौटने की स्थिति से निपटने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पश्चिम एशिया में संघर्ष छिड़ने से तेल और गैस की खेपों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण समुद्री मालभाड़ा, हवाई परिवहन लागत और बीमा प्रीमियम बढ़ गए हैं। भारत के लिए पश्चिम एशिया एक प्रमुख निर्यात बाजार है और इस क्षेत्र को देश का निर्यात लगभग 58.8 अरब डॉलर का है।
भारत के व्यापार पर भी पड़ सकता है बुरा असर
अधिकारी ने कहा कि इस संकट का असर भारत के व्यापार पर पड़ सकता है और इस क्षेत्र में माल निर्यात की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि सरकार ने उद्योग से दैनिक आधार पर फीडबैक लेने के लिए एक संयुक्त निगरानी समूह बनाया है और बंदरगाह, वेयरहाउसिंग एवं बंदरगाह शुल्क से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पश्चिम एशियाई देशों के साथ भी संपर्क किया जा रहा है।
40,000 मीट्रिक टन LPG लेकर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकला भारतीय टैंकर
इसी बीच, शुक्रवार को भारतीय टैंकर शिवालिक LPG लेकर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित भारत के लिए रवाना हो चुका है। शिवालिक पर 40,000 मीट्रिक टन LPG लोड है और ये टैंकर अगले कुछ दिनों में भारत पहुंच जाएगा। इसके साथ ही, एक और एलपीजी टैंकर भी भारत के लिए रवाना होगा, इसकी भी अनुमति मिल गई है। इस तरह से दो शिप भारत आएंगे। ईरान के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री से हुई बातचीत पॉजिटिव रही है और अब उसका बेहतर नतीजा सबके सामने है।



































