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BSE और NSE ने इस सरकारी कंपनी पर लगाया भारी-भरकम जुर्माना, जानें क्या है वजह

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Aug 23, 2024 07:28 am IST,  Updated : Aug 23, 2024 07:28 am IST

इस संबंध में, आरसीएफ ने बीएसई और एनएसई को लिखा है, ''एक सरकारी कंपनी होने की वजह से कंपनी में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर समेत डायरेक्टर की नियुक्ति करने का अधिकार भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उर्वरक विभाग (डीओएफ) के पास है।''

शेयर बाजार एक्सचेंजों ने सरकारी कंपनी पर लगाया जुर्माना- India TV Hindi
शेयर बाजार एक्सचेंजों ने सरकारी कंपनी पर लगाया जुर्माना Image Source : REUTERS

पब्लिक सेक्टर की कंपनी राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (RCF) पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स स्ट्रक्चर के नियमों का पालन नहीं करने पर शेयर बाजार एक्सचेंज बीएसई और एनएसई दोनों ने 9.66-9.66 लाख रुपये (कुल 19.32 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने शेयर बाजारों से जुर्माना माफ करने का अनुरोध किया है क्योंकि डायरेक्टर्स की नियुक्ति का अधिकार सरकार के पास है। आरसीएफ ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि कंपनी को 21 अगस्त को बीएसई और एनएसई से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, लेखा परीक्षा और नामांकन और पारिश्रमिक समिति की संरचना का पालन न करने के संबंध में नोटिस प्राप्त हुए हैं। 

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग को करनी है नियुक्ति

कंपनी ने बताया कि, ''इस तरह के गैर-अनुपालन के लिए दोनों शेयर बाजार एक्सचेंजों ने 9,66,420-9,66,420 रुपये का जुर्माना लगाया है।'' इस संबंध में, आरसीएफ ने बीएसई और एनएसई को लिखा है, ''एक सरकारी कंपनी होने की वजह से कंपनी में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर समेत डायरेक्टर की नियुक्ति करने का अधिकार भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उर्वरक विभाग (डीओएफ) के पास है।'' 

कंपनी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान कंपनी के निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) में महिला स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति न करने सहित स्वतंत्र निदेशकों की संख्या में कमी कंपनी की किसी लापरवाही या चूक के कारण नहीं थी।

निदेशकों की नियुक्ति के लिए उर्वरक विभाग के साथ लगातार बातचीत में कंपनी

कंपनी ने कहा कि इसलिए उसे जुर्माना भरने के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जाना चाहिए और इसे माफ कर दिया जाना चाहिए। कंपनी सेबी (सूचीबद्धता बाध्यता और खुलासा जरूरत) नियम के साथ-साथ कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत निर्धारित कॉरपोरेट संचालन मानदंडों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए महिला स्वतंत्र निदेशक सहित आवश्यक संख्या में स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति के लिए उर्वरक विभाग के साथ नियमित रूप से बातचीत करती रही है।

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