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मोकामा में दो बाहुबलियों के बीच टक्कर! सूरजभान सिंह के आरजेडी में शामिल होने के बाद मुकाबला हुआ दिलचस्प

बाहुबली सूरजभान सिंह ने आरजेडी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। बताया जा रहा है कि अनंत सिंह के खिलाफ आरजेडी सूरजभान की पत्नी को टिकट दे सकती है।

आरजेडी में शामिल हुए सूरजभान सिंह- India TV Hindi
Image Source : REPORTER आरजेडी में शामिल हुए सूरजभान सिंह

पटनाः चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी से इस्तीफा देने के बाद बाहुबली सूरजभान सिंह ने आरजेडी का दामन थाम लिया है। सूरजभान को तेजस्वी यादव ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। सूरजभान की पत्नी वीणा देवी पहले से ही आरजेडी में हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरजेडी मोकामा से सूरजभान की पत्नी वीणा देवी को अपना उम्मीदवार बना सकती है। सूत्रों का कहना है कि वीणा देवी गुरुवार को आरजेडी के सिंबल पर अपना नामांकन भी करेंगी। 

मोकामा में आमने-सामने होंगे दो बाहुबली!

इसी के साथ मोकामा सीट पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। जेडीयू ने बाहुबली अनंत सिंह उर्फ छोटे सरकार को टिकट दिया है तो आरजेडी के टिकट पर सूरजभान या उनकी पत्नी वीणा देवी का लड़ना तय है। इस तरह मोकामा में दो बाहुबलियों के बीच चुनावी लड़ाई देखने को मिलेगी। दोनों नेताओं की छवि दबंग किस्म की मानी जाती है। अनंत सिंह जहां लंबे समय से विधायक रहे हैं वहीं सूरजभान सिंह पूर्व सांसद हैं और यहां पर आरजेडी की जीत के लिए पूरा जोर लगाएंगे।

2020 में आरजेडी के टिकट पर जीते थे अनंत सिंह

मोकामा का इतिहास देखें तो यहां की जनता अनंत सिंह को पसंद करती रही है। 2020 में यहां से अनंत सिंह आरजेडी के टिकट पर जीते थे। बाद में एक केस में दोषी होने पर यहां से उनकी पत्नी नीलम देवी यहां से 2022 में उपचुनाव में विजयी हुईं। इस बार अनंत सिंह ने दल बदल लिया है। 

भूमिहार वोटों को साधने की तेजस्वी की रणनीति

सूरजभान सिंह को आरजेडी में लाकर तेजस्वी यादव ने भूमिहार वोटों को साधने की रणनीति अपनाई है। अभी हाल में ही दो अन्य भूमिहार नेता बेगूसराय से बोगो सिंह और खगड़िया से जेडीयू विधायक डॉ.संजीव कुमार आरजेडी में शामिल हुए। इन दोनों को टिकट मिलना लगभग तय है। सूत्रों का कहना है कि इस बार आरजेडी 10 सीटों पर भूमिहार समाज से उम्मीदवार उतार सकती है। बिहार के जाति सर्वेक्षण के अनुसार, भूमिहार 2.86% और ब्राह्मण 3.65% आबादी के हैं। गंगा-सोन पट्टी के भोजपुर, रोहतास, भागलपुर, खगड़िया, बेगूसराय, समस्तीपुर और मधुबनी की सीटों पर भूमिहार समाज की अहम भूमिका है।