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Hindi News बिहार बिहार विधानसभा चुनाव 2025: बोध गया सीट पर किसके सिर सजेगा जीत का सेहरा? जानें पिछले चुनावों के नतीजे

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: बोध गया सीट पर किसके सिर सजेगा जीत का सेहरा? जानें पिछले चुनावों के नतीजे

बिहार की बोध गया सीट पर जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। संभावित उम्मीदवार जनता के बीच जा रहे हैं। इस साल होने वाले चुनाव में मुकाबला काफी रोचक हो सकता है।

bodh gaya assembly seat- India TV Hindi Image Source : INDIA TV बोध गया विधानसभा चुनाव

बोध गया: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। बोध गया विधानसभा सीट बिहार की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। यह गया जिले में आती है। 2020 में राष्‍ट्रीय जनता दल से सर्वजीत कुमार ने भारतीय जनता पार्टी के हरि मांझी को 4708 वोटों के मार्जिन से हराया था। इस सीट पर इस साल विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। इस बार बिहार की सियासत में काफी कुछ नया होने वाला है। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ आरजेडी से निष्कासित तेज प्रताप यादव भी चुनाव में उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।

क्या हैं साल 2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे? 

बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक बोध गया भी है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां से राजद के सर्वजीत कुमार जीते थे। सर्वजीत कुमार ने भाजपा के हरि मांझी को 4708 वोटों के मार्जिन से हराया था। सर्वजीत कुमार को कुल 80926 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे हरि मांझी को कुल 76218 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (बीएलएलपी) के अजय पासवान रहे थे। उन्हें कुल 9311 वोट मिले थे।  

साल 2015 के विधानसभा चुनावों में भी राजद के कुमार सर्वजीत जीते थे। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार श्यामदेव पासवान को 30473 वोटों के मार्जिन से हराया था। तब कुमार सर्वजीत को कुल 82656 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर बीजेपी के श्यामदेव पासवान को कुल 52183 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर रहे स्वतंत्र उम्मीदवार देवेंद्र मांझी को 4265 वोट मिले थे।

कैसा होगा साल 2025 का चुनाव?

अपने स्थापना के बाद से, बोध गया ने 18 विधानसभा चुनाव देखे हैं। राजद ने सबसे अधिक पांच बार जीत हासिल की है, जिसमें 2015 और 2020 शामिल हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने तीन बार सीट जीती है, जबकि भाजपा और कांग्रेस ने दो-दो बार जीत हासिल की है। अन्य पार्टियों, जैसे भारतीय जनसंघ, स्वतंत्र पार्टी, जनता पार्टी, लोक दल, और लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी), साथ ही स्वतंत्र उम्मीदवारों ने एक-एक बार जीत हासिल की है।

देखना ये होगा कि इस बार बिहार की जनता किस पार्टी पर अपने भरोसे की मुहर लगाती है। वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है।