हिसुआ: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। हिसुआ विधानसभा सीट बिहार की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। यह नवादा जिले में आती है। 2020 के विधानसभा चुनावों में यह सीट कांग्रेस ने जीती थी। कांग्रेस की उम्मीदवार नीतू कुमारी ने भाजपा के अनिल सिंह को 17091 वोटों के अंतर से हराया था। इस सीट पर इस साल विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। इस बार बिहार की सियासत में काफी कुछ नया होने वाला है। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ आरजेडी से निष्कासित तेज प्रताप यादव भी चुनाव में उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
क्या हैं साल 2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे?
बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक हिसुआ भी है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस की नीतू कुमारी जीती थीं। नीतू कुमारी को कुल 94930वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी के अनिल सिंह को कुल 77839 वोट मिले थे। हैरान करने वाली बात है कि यहां तीसरे नंबर पर NOTA रहा था जिसे कुल 4322 वोट पड़े थे।
साल 2015 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी के अनिल सिंह जीते थे। उन्होंने जेडीयू के कौशल यादव को 12239 वोटों के मार्जिन से हराया था। तब अनिल सिंह को कुल 82493 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर कौशल यादव को कुल 70254 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर रही समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार नीतू कुमारी को 14188 वोट मिले थे।
कैसा होगा साल 2025 का चुनाव?
हिसुआ, नवादा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 6 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है और 1957 से एक अलग विधानसभा क्षेत्र रहा है। पिछले 63 सालों में यहां के वोटर्स ने केवल छह नेताओं को ही विधानसभा भेजा है, जो मतदाताओं की राजनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
शुरुआत में कांग्रेस पार्टी का दबदबा रहा। राजकुमारी देवी ने 1957 और 1962 में जीत दर्ज की, उसके बाद शत्रुघ्न शरण सिंह ने 1967, 1969 और 1972 में लगातार जीत हासिल की। 1977 में पहली बार जनता पार्टी के बाबू लाल सिंह ने कांग्रेस को हराया। इसके बाद आदित्य सिंह ने 1980, 1985 और 2000 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में और 1990, 1995 व 2005 में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। वे लगातार 6 बार विधायक रहे। उनका प्रभुत्व 2005 के दूसरे विधानसभा चुनाव में समाप्त हुआ, जब भाजपा के अनिल सिंह ने सीट जीती। अनिल सिंह ने लगातार तीन बार चुनाव जीते, लेकिन 2020 में कांग्रेस की नीतू कुमारी ने उन्हें 17,091 मतों से हराकर सीट पर कब्जा किया।
देखना ये होगा कि इस बार बिहार की जनता किस पार्टी पर अपने भरोसे की मुहर लगाती है। वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है।