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Hindi News बिहार बिहार: तेजस्वी यादव को मिली RJD की कमान, बनाए गए पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, बहन रोहिणी आचार्य ने फिर बोला हमला

बिहार: तेजस्वी यादव को मिली RJD की कमान, बनाए गए पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, बहन रोहिणी आचार्य ने फिर बोला हमला

तेजस्वी यादव को RJD की कमान सौंप दी गई है। उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ये फैसला लिया गया है।

Tejashwi Yadav- India TV Hindi Image Source : REPORTER INPUT आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने तेजस्वी यादव

पटना: आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। तेजस्वी यादव को आरजेडी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। एक तरफ ये तेजस्वी यादव के लिए बड़ी उपलब्धि है, वहीं दूसरी तरफ तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर बिना नाम लिए भाई पर निशाना साधा है। रोहिणी ने इसे "कठपुतली बने शहजादा" की ताजपोशी बताया है।

कहां हुई बैठक?

RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पटना के होटल मौर्या में हुई। इस बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ ही सभी प्रदेश ईकाईयों के प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों ने भाग लिया। कई प्रदेशों के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य कल ही पटना पहुंच गए थे।

तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के फैसले पर अंतिम मुहर RJD सुप्रीमो और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों द्वारा लगाई गई।

इस बैठक में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और मीसा भारती मौजूद रहे।

रोहिणी आचार्य ने क्या पोस्ट किया?

रोहिणी आचार्य ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके कहा, "सियासत के शिखर-पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप, ठकुरसुहाती करने वालों और "गिरोह-ए-घुसपैठ" को उनके हाथों की "कठपुतली बने शहजादा" की ताजपोशी मुबारक .."

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की हार के बाद लालू परिवार की कलह सामने आई थी। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने एक्स हैंडल के जरिए अपने भाई तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे और उनकी आलोचना की थी। 

इसके बाद से रोहिणी आचार्य लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती हैं और अपने भाई का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधती हैं। इससे पहले उन्होंने लिखा था, "नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे को सवालों से भागने, सवालों से बचने, जवाब देने से मुंह चुराने, तार्किक-तथ्यात्मक जवाब देने की बजाए भ्रम फैलाने, लालूवाद व पार्टी की हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार, अभद्र आचरण, अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने की बजाए अपने गिरेबान में झांकना होगा और अगर वो चुप्पी साधता है, तो उस पर साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत का दोष व आरोप स्वतः ही साबित होता है।"