विधवा मां के साथ चाचा का था अवैध संबंध, गुस्साए भतीजे ने 14 गोलियां दागकर भूना
रविंद्र शर्मा की हुई हत्या को लेकर पुलिस ने खुलासा किया कि उसका अपनी विधवा भाभी से अवैध संबंध था, जिसके चलते उसका भतीजा काफी समय से आक्रोश में था।

बिहार के मधेपुरा के गम्हरिया थाना क्षेत्र के सिहपुर में 25 नवंबर की रात बढ़ई रविंद्र शर्मा की हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसपी संदीप सिंह ने बुधवार को सदर थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि रविंद्र शर्मा की हत्या विधवा भाभी से अवैध संबंध के चलते की गई थी। तकनीकी जांच के आधार पर गिरफ्तार किए गए मृतक के भतीजे गुड्डू कुमार ने स्वीकार किया है कि उसके चाचा का उसकी विधवा मां से अवैध संबंध था, जिसे लेकर वह काफी समय से आक्रोश में था।
पुलिस के मुताबिक, गुड्डू कुमार ने आगे बताया कि कई बार मना करने के बाद भी रविंद्र शर्मा इस संबंध को जारी रखे हुए थे, जिससे परिवार और समाज में बदनामी हो रही थी। इसी वजह से गुड्डू ने अपने भाई प्रिंस कुमार और सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के कोशलीपट्टी निवासी मनीष कुमार के साथ मिलकर चाचा की हत्या की योजना तैयार की।
ताबड़तोड़ मारी थी 14 गोलियां
एसपी ने बताया कि 25 नवंबर की शाम सिहपुर हनुमान मंदिर के पास तीनों आरोपियों ने रविंद्र शर्मा को घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। लगातार 14 गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक की पत्नी चुन्नी देवी के आवेदन पर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाकर जांच शुरू करवाई। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर गुड्डू कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वारदात के दिन प्रिंस कुमार ने लाइनर की भूमिका निभाई थी, जबकि वह और मनीष कुमार गोली मारने में शामिल थे।
पिस्टल, सिक्सर और गोली बरामद
गुड्डू के बयान के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रिंस कुमार और मनीष कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद मनीष कुमार की तलाशी लेने पर उसके पास से एक देशी पिस्टल, एक देशी सिक्सर, एक देशी कट्टा और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। छापेमारी में गम्हरिया थानाध्यक्ष लवकुश कुमार, कन्हैया कुमार, विकास कुमार मिश्रा, रविंद्र रजक सहित तकनीकी टीम के अन्य सदस्य शामिल थे।
(रिपोर्ट- मनीष कुमार)
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