केंद्र सरकार के निर्देश के बाद कई राज्यों के राजभवनों (राज्यपालों के आधिकारिक निवास) के नाम बदले गए हैं। इन सभी राजभवनों का नाम बदलकर 'लोकभवन' कर दिया गया है। इसके तहत अब झारखंड की राजधानी रांची में स्थित ऐतिहासिक 'राजभवन' का नाम भी आधिकारिक तौर पर बदलकर 'लोकभवन' कर दिया गया है। यह परिसर 62 एकड़ में फैला है।
राजभवनों का नाम बदलकर लोकभवन
इसके अलावा, झारखंड राजभवन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, दुमका स्थित राजभवन का नाम भी बदलकर लोकभवन कर दिया गया है। यह नाम परिवर्तन केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की ओर से देश भर के सभी राज्यों को दिए गए एक निर्देश के बाद किया गया है। मंत्रालय ने सभी राजभवनों का नाम बदलकर लोकभवन और केंद्र शासित प्रदेशों के राजनिवासों का नाम बदलकर लोकनिवास करने को कहा था।
झारखंड के राजभवन की खासियत
जब ब्रिटिश आर्किटेक्ट सैडलो बैलार्ड ने 1930 में झारखंड के राजभवन का डिजाइन बनाया था, तो उन्होंने इसे रांची की गर्मी को झेल पाने के हिसाब से तैयार किया था। इसकी दीवारें लगभग 14 इंच मोटी हैं, जो बाहरी तपिश को अंदर आने से रोकती हैं। इसकी पिरामिडनुमा डबल रानीगंज टाइलों वाली छतें किसी प्राचीन एयर कंडीशनर से कम नहीं हैं, जो आज भी इमारत को ठंडा रखती हैं।
झारखंड के राजभवन के अंदरूनी हिस्सों में झारखंड की बेहतरीन लकड़ी- साल और गम्हार का इस्तेमाल हुआ है, जो इसकी भव्यता को चार चांद लगाता है। परिसर के बारे में एक रोमांचक कहानी यह है कि इसके नीचे कहीं एक गुप्त भूमिगत सुरंग भी मौजूद हो सकती है, जो इसे भारत के सबसे रहस्यमय आधिकारिक आवासों में से एक बनाती है।
झारखंड राजभवन द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यह बदलाव गृह मंत्रालय के संचार और राज्यपाल सनोश कुमार गंगवार की मंजूरी के बाद तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
पीएमओ वाले नए परिसर का नाम भी बदला
वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय वाले नए परिसर का नाम भी बदलकर सेवा तीर्थ कर दिया गया है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत निर्मित यह परिसर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया कार्यालय होगा। पहले इस जगह को एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव नाम दिया गया था। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सेवा तीर्थ को एक ऐसा कार्यस्थल बनाया जा रहा है, जहां सेवा भावना ही सर्वोपरि होगी और राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिकताएं आकार लेंगी।
अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही साउथ ब्लॉक के अपने पुराने दफ्तर से निकलकर नए सेवा तीर्थ परिसर में में शिफ्ट हो जाएगा। नया पीएमओ सेवा तीर्थ-1 परिसर से काम करेगा। इस परिसर में सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय होंगे और सेवा तीर्थ-3 राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) का दफ्तर होगा।
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