बेलिंगटनः न्यूजीलैंड में भारी बारिश और भूस्खलन ने कई इलाकों में तबाही मचा दई है। दो अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोगों के लापता होने की आशंका है। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। ये घटनाएं न्यूजीलैंड के उत्तरी द्वीप पर हुईं, जहां पिछले कुछ दिनों से रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है।
इन इलाकों में हुआ भूस्खलन
पहली घटना वेलकम बे (पापामोआ) क्षेत्र में हुई। स्थानीय समयानुसार गुरुवार सुबह करीब 4:50 बजे वेलकम बे समुदाय में एक घर पर भूस्खलन हुआ। मलबा घर के ऊपर गिरा, जिसमें से दो लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन घर में फंसे दो अन्य लोगों के शव कुछ घंटों बाद बरामद किए गए। ये मौतें कन्फर्म हो चुकी हैं। यह घटना पापामोआ के वेलकम बे रोड पर हुई बताई गई है। जबकि दूसरी घटना माउंट माउंगानुई में उसी सुबह करीब 9:30 बजे बीचसाइड हॉलिडे पार्क के पास हुई। यह एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल और कैंपसाइट है, जो एक विलुप्त ज्वालामुखी के नाम पर बसा शहर है।
मलबे में दबे कई वाहन और ढांचे
भूस्खलन के मलबे में कई वाहन दब गए हैं। इनमें ट्रैवल ट्रेलर (कारवां) और सुविधा केंद्र (जैसे बाथरूम ब्लॉक) भी चपेट में आ गए हैं। तस्वीरों और वीडियो में मलबे के नीचे दबे वाहनों और संरचनाओं के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अधीक्षक टिम एंडरसन के अनुसार, लापता लोगों की संख्या 'एक अंक' (single digits) में है, यानी 9 या उससे कम। कुछ रिपोर्टों में बच्चों और 1 लड़की समेत कई लोग लापता बताए गए हैं। आपातकालीन प्रबंधन मंत्री मार्क मिशेल ने कहा कि गुरुवार देर शाम तक माउंट माउंगानुई के मलबे से कोई जीवित व्यक्ति या शव नहीं मिला था।
खोजी कुत्तों और हेलीकॉप्टरों से तलाश जारी
लापता लोगों की तलाश खोजी कुत्तों, हेलीकॉप्टरों और भारी मशीनरी का इस्तेमाल करके किया जा रहा है। रात भर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसके अलावा, भारी बारिश से उत्तरी द्वीप के बड़े हिस्से प्रभावित हैं। बुधवार को बाढ़ के पानी में एक व्यक्ति बह गया था। हजारों घरों में बिजली गुल है, सड़कें बंद हैं और कुछ इलाकों में लोगों को स्थानांतरित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि वे स्थानीय अधिकारियों के सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। यह प्राकृतिक आपदा भारी वर्षा से जुड़ी है, जो उष्णकटिबंधीय निम्न दबाव के कारण हुई है। स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है, और बचाव दल लगातार प्रयासरत हैं।