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Hindi News बिहार नीतीश कैबिनेट ने हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली के प्रस्ताव को दी मंजूरी, जानें कब से लागू होगी स्कीम

नीतीश कैबिनेट ने हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली के प्रस्ताव को दी मंजूरी, जानें कब से लागू होगी स्कीम

बिहार सरकार ने सभी बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त देने की घोषणा को पूर्ण रूप से अमलीजामा पहना दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

Nitish kumar- India TV Hindi Image Source : PTI नीतीश कुमार

पटना: बिहार कैबिनेट ने राज्य भर के घरेलू उपभोक्ताओं को एक अगस्त से हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने के प्रस्ताव को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने ऊर्जा विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।  इस योजना के लागू होने से करीब 90 फीसदी बिजली उपभोक्ताओं को पूरी तरह मुफ्त बिजली मिलेगी। यह नई व्यवस्था 1 अगस्त 2025 से लागू होगी। 

ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दी ये जानकारी

बिहार सरकार ने सभी बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त देने की घोषणा को पूर्ण रूप से अमलीजामा पहना दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस विशेष कैबिनेट में बिजली से संबंधित सिर्फ इसी एक एजेंडे को पेश किया गया, जिस पर मुहर लगी। बिहार में पहली बार यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इससे संबंधित विस्तृत जानकारी ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने ऊर्जा भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। यह नई व्यवस्था 1 अगस्त 2025 से लागू होगी। यानी जुलाई महीने के बिजली के बिल पर यह पूर्ण अनुदानित बिजली का लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।  

90 प्रतिशत उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य में कुल घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 1 करोड़ 86 लाख 60 हजार है। इनमें 125 यूनिट तक बिजली की मासिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या एक करोड़ 67 लाख 94 हजार है, जो कुल घरेलू उपभोक्ताओं का 90 प्रतिशत है। इन उपभोक्ताओं को अब बिजली का बिल नहीं देना पड़ेगा। इससे अधिक यानी 125 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने पर बिजली पर पहले से लागू टैरिफ के हिसाब से बिजली का बिल देना होगा। 

सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए सहायता

इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के विस्तारीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अतिरिक्त रुपये 3797 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस वर्ष 19 हजार 792 करोड़ रुपये के वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार को करना पड़ेगा। अगले वित्तीय वर्ष से यह राशि बढ़ती जाएगी। कैबिनेट में लिए निर्णय के अनुसार, इसके साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम 1.1 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को पूर्ण वित्तीय सहायता एवं अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की भी स्वीकृति दी गई है। साथ ही यह वितरण कंपनियों की नवीकरणीय उर्जा खरीद (आरपीओ) बाध्यता को पूरा करने में मददगार साबित होगा और इससे काफी बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत को नवीकरणीय स्रोतों से पूरा किया जा सकेगा। 

राज्य के सभी घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 125 यूनिट प्रति माह तक यदि शत-प्रतिशत अनुदान पर बिजली दी जाती है। उनके घर की छतों पर अथवा सार्वजनिक स्थलों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाता है, तो राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष कर कम बिजली खपत करने वाले सभी उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ होगा। इससे न सिर्फ इन घरेलू उपभोक्ताओं को बिना रूके बिजली मिलेगी, बल्कि सौर ऊर्जा उत्पाद को भी बढ़ावा मिलेगा।