नीतीश कुमार रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं। उनके साथ 25 अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दो उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी भी शामिल हैं। नीतीश के मंत्रिमंडल में इस बार 10 नए चेहरों को मौका दिया गया है। इसमें रामकृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, रमा निषाद और अरुण शंकर प्रसाद जैसे नेता शामिल हैं। इस लिस्ट में तीन संजय भी शामिल हैं।
मंत्रिमंडल में 10 नए चेहरे
- रामकृपाल यादव
- श्रेयसी सिंह
- रमा निषाद
- लखेन्द्र रौशन
- अरुण शंकर प्रसाद
- संजय सिंह टाइगर
- संजय सिंह
- संजय पासवान
- दीपक प्रकाश
- प्रमोद चंद्रवंशी
जानें नए मंत्रियों के बारे में
- रामकृपाल यादव दानापुर सीट से चुनाव जीते हैं। वह बीजेपी के कोटे से मंत्री बने हैं। उन्होंने आरजेडी के रीतलाल यादव को 29133 वोट से हराया। एक समय पर वे लालू यादव के बेहद करीबी माने जाते थे। लालू को सजा हुई तो राजद ने राम कृपाल को टिकट नहीं दिया। वह निर्दलीय चुनाव लड़े और पाटिलपुत्र से जीते। बाद में बीजेपी में शामिल होकर केंद्र में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री बने।
- श्रेयसी सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग में गोल्ड मेडल जीता था। वह दिल्ली युनिवर्सिटी से पढ़ी हैं। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की बेटी हैं। उनकी मां और दादा भी बड़े नेता थे।
- रमा निषाद मुजफ्फरपुर के औराई से पहली बार विधायक बनी हैं। वह पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं। उन्हें मंत्री रामसूरत राय की जगह टिकट मिला था। उनकी निषाद वोटों पर मजबूत पकड़ है।
- लखेन्द्र रौशन वैशाली की पातेपुर सीट से चुनाव जीते हैं। वह आरजेडी की पारंपरिक सीट से जीते हैं। वह बीजेपी के युवा विधायकों में शामिल हैं। वह दलित और सवर्ण को एकजुट करने में कामयाब रहे।
- अरुण शंकर प्रसाद मधुबनी की खजोली विधानसभा से लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं। पीजी तक पढ़े अरुण शंकर एक सफल व्यवसायी माने जाते हैं। अब वह राजनीति में आकर क्षेत्र का विकास करने के लिए तत्पर हैं।
- संजय सिंह टाइगर पहली बार विधायक बने हैं और मंत्रिमंडल में शामिल हो गए हैं। वह बचपन से ही आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित थे और जनसेवा में आने का फैसला किया। उन्होंने पटना के एएन कॉलेज से पढ़ाई पूरी की, लेकिन शादी नहीं की। वह बेहद सादा जीवन जीते हैं। दरी पर सोते हैं और शुद्ध शाकाहारी भोजन करते हैं।
- संजय कुमार सिंह राजपूत जाति से आते हैं। वह महुआ (वैशाली) से जीते हैं। उन्होंने तेज प्रताप यादव को हराया है। वह चिराग के करीबी माने जाते हैं। इसी वजह से उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
- संजय पासवान बखरी सीट से विधायक हैं। वह पहली बार विधायक बने और उन्हें मंत्री पद भी मिल गया। शांत स्वभाव के संजय 2015 में लोजपा से जुड़े थे। रामविलास पासवान के निधन के बाद पार्टी में उठापटक के दौरान उन्होंने चिराग का साथ दिया और अब उन्हें इसका इनाम मिला है।
- उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश अभी विधायक नहीं है। बाद में उन्हें MLC बनाकर विधानसभा में भेजा जाएगा। उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा सासाराम से चुनाव जीती हैं लेकिन उपेंद्र कुशवाहा ने उनकी जगह बेटे को मंत्री बनाने का फैसला किया है।
- प्रमोद चंद्रवंशी 2023 में बीजेपी में शामिल हुए थे। उन्होंने आरजेडी के साथ मिलकर सरकार बनाने पर नीतीश कुमार की जमकर आलोचना की थी।
नीतीश का पूरा मंत्रिमंडल
BJP कोटे से मंत्री
| | नाम |
| 1 | सम्राट चौधरी |
| 2 | विजय कुमार सिन्हा |
| 3 | दिलीप जायसवाल |
| 4 | मंगल पांडेय |
| 5 | रामकृपाल यादव |
| 6 | संजय सिंह |
| 7 | नितिन नवीन |
| 8 | अरुण शंकर प्रसाद |
| 9 | सुरेंद्र मेहता |
| 10 | रमा निषाद |
| 11 | लखेंद्र पासवान |
| 12 | नारायण प्रसाद |
| 13 | श्रेयसी सिंह |
| 14 | प्रमोद कुमार |
JDU कोटे से मंत्री
| | नाम |
| 1 | विजय कुमार चौधरी |
| 2 | विजेंद्र यादव |
| 3 | अशोक चौधरी |
| 4 | श्रवण कुमार |
| 5 | लेसी सिंह |
| 6 | प्रमोद कुमार |
| 7 | जमा खान |
| 8 | मदन सहनी |
LJPRV कोटे से मंत्री
| | नाम |
| 1 | संजय कुमार |
| 2 | संजय सिंह |
HAM कोटे से मंत्री
RLM कोटे से मंत्री