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एमएलसी चुनाव लड़ेंगे नीतीश के बेटे निशांत, कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का नाम भी चर्चा में, बिहार में सियासी हलचल तेज

नीतीश कुमार के बेटे निशांत एमएलसी चुनाव लड़ेंगे। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने उन्हें एमएलसी बनाने का फैसला लिया है। वहीं उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश भी एमएलसी चुनाव लड़ेंगे।

Nitshan kumar, deepak prakash- India TV Hindi
Image Source : PTI निशांत, दीपक प्रकाश

पटना: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार एमएलसी बनेंगे। सूत्रों के मुताबिक बिहार विधान परिषद् की खाली हो रही सीटों पर वे चुनाव लड़ने वाले हैं। इससे पहले हुए कैबिनेट विस्तार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। फिलहाल वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं है। अब आगामी विधान परिषद् चुनावों के जरिए उनकी सदन में एंट्री होगी। इसी तरह उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश की एंट्री भी विधान परिषद् के जरिए होगी। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी नाम की घोषणा नहीं की गई है।

मई के अंत तक MLC चुनावों की घोषणा संभव

जानकारी के मुताबिक जून महीने में विधान परिषद की कुल 10 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें 28 जून को नौ सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद एक सीट पहले से खाली है। ऐसे में इन सीटों पर चुनाव होना तय माना जा रहा है। मई के अंत तक विधान परिषद चुनाव की घोषणा संभव. है। 

6 महीने के अंदर किसी सदन का सदस्य बनना जरूरी

बता दें कि निशांत कुमार और दीपक प्रकाश दोनों ही विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं है। अब मंत्री पद की शपथ लेने के बाद 6 महीने के भीतर इन्हें एमएलए या एमएलसी बनना होगा नहीं तो इनका मंत्री पद चला जाएगा। ऐसे में आने वाले विधान परिषद् के चुनाव में दोनों को एमएलसी चुनाव लड़वाने की तैयारी हो रही है। बता दें कि नीतीश कुमार ने विधायक का चुनाव लड़ना लंबे समय से छोड़ रखा था। वे विधान परिषद् के जरिए ही निर्वाचित होकर सीएम बनते रहे। अब निशांत की पॉलिटिक्स में एंट्री भी विधान परिषद् के जरिए होने वाली है।

डिप्टी सीएम नहीं बने, मंत्री पद किया स्वीकार

नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने के बाद पार्टी की ओर निशांत पर दबाव था कि वे डिप्टी सीएम बनें। लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। वे सक्रिय रूप से पार्टी में शामिल तो हुए लेकिन डिप्टी सीएम का पद लेने से साफ तौर पर मना कर दिया था।  पिछले महीने भाजपा नेता सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के समय उपमुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव ठुकराने वाले निशांत ने अंततः पार्टी नेताओं के आग्रह को स्वीकार कर लिया। पार्टी नेताओं को आशंका थी कि नीतीश के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद जदयू की राजनीतिक संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।