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क्या लालू यादव को बेटी ने किडनी दान नहीं की थी? अफवाहों को लेकर रोहिणी आचार्य ने खुद दिया जवाब, कह दी ये बड़ी बात

बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का एक बार फिर गुस्सा फूटा है। पिता को किडनी ना देने जैसी अफवाहों को लेकर उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट किया है और विरोधियों को जवाब दिया है।

Rohini Acharya, Lalu Prasad Yadav- India TV Hindi
Image Source : X/@ROHINIACHARYA2 रोहिणी आचार्य और उनके पिता लालू प्रसाद यादव

पटना: बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव को किडनी ना देने से जुड़ी अफवाहों पर उनकी बेटी रोहिणी आचार्य का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों को लेकर विरोधियों को खुली चुनौती दी है और कहा है कि फैलाए जा रहे झूठ को साबित करें तो मैं राजनीतिक जीवन छोड़ दूंगी।

रोहिणी ने कहा, "सभी गंदी सोच रखने वालों और ऐसे लोगों को शह दे रहे तमाम लोगों को मेरी खुली चुनौती है कि कोई अगर ये साबित कर दे कि मैंने अपने या किसी और के लिए भी कभी कुछ मांगा हो या अपने आदरणीय पिता को मेरे द्वारा अपनी किडनी दिया जाना झूठ है, तो राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से खुद को अलग कर लूंगी।" 

रोहिणी ने कहा, "दोषारोपण करने वाले अगर अपना झूठ और दुष्प्रचार साबित नहीं कर सके, तो उनमें भी इतना साहस होना चाहिए कि वो सब के सब 'जिस किसी' के भी कहने पर ऐसा कर और कह रहे हैं, उसके साथ सार्वजनिक तौर पर मुझसे और देश की हर मां-बहन-बेटी से ये कहते हुए माफी मांगें कि भविष्य में वो कभी किसी मां-बहन-बेटी के बारे में कोई अपमानजनक और झूठी बात नहीं कहेंगे और फैलाएंगे।"

21 सितंबर को भी रोहिणी का फूटा था गुस्सा

21 सितंबर को भी रोहिणी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा था, "मेरे संदर्भ में ट्रोलर्स, उद्दंडों, पेड - मीडिया एवं पार्टी हड़पने की कुत्सित मंशा रखने वालों के द्वारा फैलाये जा रहीं तमाम अफवाह निराधार और मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने के मकसद से किए जा रहे दुष्प्रचार का हिस्सा हैं। मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा न कभी रही थी, न है और ना ही आगे रहेगी।"

रोहिणी ने कहा था, "न मुझे खुद विधानसभा का प्रत्याशी बनना है, ना ही किसी को विधानसभा का प्रत्याशी बनवाना है, न राज्यसभा की सदस्यता की मेरी कोई आकांक्षा है, न ही परिवार के किसी भी सदस्य से मेरी किसी भी प्रकार की प्रतिद्वंदिता है और ना ही पार्टी या भविष्य में बनने वाली किसी भी सरकार में किसी पद की कोई लालसा है। मेरे लिए मेरा आत्म-सम्मान, मेरे माता-पिता के प्रति सम्मान व समर्पण, मेरे परिवार की प्रतिष्ठा ही सर्वोपरि है।"