पटना: राष्ट्रीय जनता दल कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी को पार्टी की कमान सौंपे जाने पर तेज प्रताप यादव का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अब पार्टी ने यह फैसला लिया तो वे समझें। जिन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया है वे उन दायित्वों का निर्वहन करें।
क्या तेजस्वी कठपुतली हैं?
वहीं रोहिणी आचार्य द्वारा ट्वीट कर तेजस्वी पर तंज कसे जाने और कठपुतली कहे जाने के बारे में जब तेज प्रताप से सवाल किया गया तो तेज प्रताप ने कहा कि रोहिणी आचार्य ने सही लिखा है। वे उन दायित्वों का निर्वहन करें।
रोहिणी आचार्य ने क्या पोस्ट किया?
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर पोस्ट करके कहा, "सियासत के शिखर-पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप, ठकुरसुहाती करने वालों और "गिरोह-ए-घुसपैठ" को उनके हाथों की "कठपुतली बने शहजादा" की ताजपोशी मुबारक .."
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के गठबंधन से जुड़े एक सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि कांग्रेस को तो पहले ही अलग हो जाना चाहिए था। साथ में मिलकर चुनाव क्यों लड़े? वहीं राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का तो काम ही है खाना बनाना, चिकन बनाना और फटफटिया पर बैठ के घूमना..।
पटना में हुई आरजेडी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक
दरअसल, राष्ट्रीय जनता दल कार्यकारिणी की बैठक पटना के होटल मौर्या में हुई। इस बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ ही सभी प्रदेश ईकाईयों के प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों ने भाग लिया। कई प्रदेशों के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी इस बैठक में शामिल हुए। तेजस्वी को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के फैसले पर अंतिम मुहर आरजेडी सुप्रीम और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों की ओर से लगाई गई। इस मीटिंग में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और मीसा भारती मौजूद रहे।