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VIDEO: डॉक्टर की जगह ‘भगत’? अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तंत्र-मंत्र, झाड़-फूंक, देखते रहे स्वास्थ्य कर्मी

समस्तीपुर सदर अस्पताल से एक अजीबोगरीब वीडियो सामने आया है। जहां इमरजेंसी वार्ड में एक भगत मरीज के बगल में खड़े होकर मंत्र पढ़कर झाड़-फूंक कर रहा है। हैरानी की बात तो ये है कि इस दौरान नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मी भी मौजूद थे।

samastipur hospital- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT अस्पताल बना अंधविश्वास का अड्डा

बिहार के समस्तीपुर सदर अस्पताल से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है जिसे देखकर आप भी सोच में पड़ जाएंगे। यहां सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही तब सामने आई जब इमरजेंसी वार्ड के भीतर एक 'भगत' द्वारा खुलेआम झाड़-फूंक किए जाने का मामला उजागर हुआ। पूरे वाकया का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भगत मरीज के बाजू में बैठकर मंत्र पढ़ते और झाड़-फूंक करते नजर आ रहा है। हैरानी की बात यह कि मौके पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों में से किसी ने भी उसे रोकना जरूरी नहीं समझा। 

करीब आधे घंटे तक चला ड्रामा

मिली जानकारी के अनुसार भर्ती महिला मरीज की पहचान मुक्तापुर थाना क्षेत्र के चकदौलतपुर गांव निवासी रामप्रीत पंडित की पत्नी फूलो देवी के रूप में हुई है। गुरुवार को पेट दर्द की शिकायत पर परिजन उसे सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों द्वारा आवश्यक इलाज किए जाने के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं होने पर परिजन अंधविश्वास में पड़ गए और स्थानीय भगत को अस्पताल बुला लिया। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड में करीब 15-20 मिनट तक कथित भगत आराम से मंत्र पढ़कर झाड़-फूंक करता रहा।

देखें वीडियो-

आश्चर्य से देखते रहे अन्य मरीज

इस दौरान न तो किसी डॉक्टर ने उसे रोका, न ही स्वास्थ्य कर्मियों या गार्ड ने हस्तक्षेप किया। वार्ड के अंदर मौजूद अन्य मरीज और उनके परिजन भी इस गतिविधि को आश्चर्य से देखते रहे। लोगों में इस घटना को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर अंधविश्वास को बढ़ावा देना और डॉक्टर-कर्मियों द्वारा इसे अनदेखा करना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। 

अस्पताल में लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन?

वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में दोबारा ऐसा घटनाक्रम न हो। इधर सदर अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश ने बताया कि सुरक्षा में लगे कर्मियों को तलब किया गया है। अस्पताल परिसर में इस तरह का वाकया बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

(रिपोर्ट- सुनील कुमार)

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