पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री को लेकर अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यालय में शुक्रवार को सरस्वती पूजा के आयोजन के दौरान यह चर्चा और जोर पकड़ गई, जहां कार्यकर्ताओं ने निशांत को पार्टी में शामिल होने के लिए मनाने की कोशिश की। बता दें कि यह कार्यक्रम जेडीयू IT सेल की ओर से आयोजित किया गया था। निशांत कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पहले ही पूजा पंडाल में पहुंच गए थे।
जब बेटे को देखकर हैरान रह गए नीतीश
जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वहां पहुंचे तो उन्हें बेटे को देखकर हैरानी हुई। नीतीश कुमार ने निशांत से पूछा, 'तुम कब आए?' कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने निशांत के राजनीति में आने की मांग रखी। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने निशांत के कंधे पर हाथ रखकर कहा, 'आप मान जाइए।' इसके अलावा पार्टी के प्रदेश महासचिव छोटू सिंह ने भी निशांत से कहा, 'बोल दीजिए कि अब बनेंगे।' निशांत कुमार ने इस दौरान शांत रहते हुए जवाब दिया, 'सरस्वती मां का आशीर्वाद लेने आए थे पिता जी। मैं भी सरस्वती मां का आशीर्वाद लेने आया हूं।'
निशांत की सियासी एंट्री पर सस्पेंस कायम
बता दें कि ललन सिंह ने एक दिन पहले भी कहा था कि नीतीश कुमार को अब निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश के लिए सहमत हो जाना चाहिए। सरस्वती पूजा में नीतीश कुमार के सामने ही ललन सिंह और अन्य नेताओं ने निशांत को मनाने की कोशिश की, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा छिड़ गई कि क्या बहुत जल्द सीएम के बेटे एक्टिव पॉलिटिक्स में एंट्री कर सकते हैं। नीतीश कुमार ने इस दौरान कुछ खास प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन पूरा माहौल निशांत की संभावित एंट्री को लेकर उत्साहित नजर आया। JDU के कई नेता निशांत को पार्टी में सक्रिय भूमिका देते हुए देखना चाहते हैं। हालांकि, निशांत की राजनीतिक एंट्री पर सस्पेंस बना हुआ है।