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'सरकार खटारा, सिस्टम नकारा, मुख्यमंत्री थका हारा, आम आदमी फिर रहा मारा-मारा', विधानसभा में बोले तेजस्वी यादव

बिहार विधानसभा में तेजस्वी यादव और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों नेताओं के बीच हो रही तीखी बहस में तेजप्रताप यादव भी कूद पड़े। वहीं, तेजस्वी यादव ने सायराना अंदाज में नीतीश कुमार की सरकार को जमकर घेरा है।

तेजस्वी यादव- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV तेजस्वी यादव

बिहार विधानसभा में आज तीखी बहस देखने को मिली। विधानसभा में तेजस्वी यादव ने भाषण दिया। तेजस्वी ने कहा कि विधानसभा में राज्यपाल का अभिभाषण काफी कन्फ्यूजन भरा था। वह 2005 का अभिभाषण पढ़ रहे थे या 2010 का कुछ पता नहीं चला। इसके साथ ही तेजस्वी ने शायराना अंदाज में कहा, 'पुराने कागजों में उलझे तुम्हारे दिन और रात, घड़ी देखकर भी भूल जाते हो हर मुलाकात।'

सम्राट चौधरी के साथ हुई तीखी बहस

विधानसभा में सम्राट और तेजस्वी में तीखी बहस भी हो गई। सम्राट चौधरी ने कहा कि आपके पिताजी ने जब जेल भेजा मुझे वह दिन भी याद है। इस पर तेजप्रताप गुस्से मे उठे। तेजस्वी ने बैठने को कहा।

तेजस्वी ने नीतीश सरकार को घेरा

तेजस्वी यादव ने शायराना अंदाज में कहा, 'सरकार खटारा, सिस्टम नकारा, मुख्यमंत्री थका हारा, आम आदमी फिर रहा मारा-मारा। लालू ने कमजोर तबके के दलितों, पिछड़ों को मंत्री बनाया, विधायक बनाया, एमएलसी बनाया अध्यक्ष बनाया,  ताकत दिलाने का काम लालू जी ने किया। इस पर सम्राट चौधरी ने टोका, 'जो नकली समाजवादी है। उसको सब कुछ नकली ही लगता है।'

झूठ और जुमलों की स्याही से तैयार हुआ बजट- तेजस्वी

वहीं, कल तेजस्वी यादव ने सोमवार को आरोप लगाया कि बिहार में नीतीश कुमार सरकार द्वारा पेश किया गया बजट ‘‘बढ़ा-चढ़ाकर झूठ और जुमलों की स्याही से तैयार किया गया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा राज्य में चुनाव से पहले अंतिम बजट पेश किए जाने के तुरंत बाद विधानसभा परिसर के बाहर यादव ने मीडिया से कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सत्ता से बाहर हो जाएगा। पूर्व उपमुख्यमंत्री यादव ने कहा कि यह अजीब है कि राजस्व सृजन न होने के बावजूद बजट का आकार बढ़ता जा रहा है। 

बिहार मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा- तेजस्वी

3.71 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है। उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि बजट दस्तावेज झूठ में डूबी स्याही से लिखे गए हैं। वे इसे पांच लाख करोड़ रुपये कर सकते थे।’ तेजस्वी ने कहा, ‘जमीनी सच्चाई यह है कि आधुनिक सुविधाएं तो छोड़िए बिहार अब भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है।’