शनिवार के दिन बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर जमकर हंगामा हुआ। कुछ लोग पूर्व सीएम के पास पहुंचे और मखदुमपुर विधानसभा क्षेत्र से नए चेहरे को उतारने की मांग की। इन लोगों का कहना था कि वह मखदुमपुर के मौजूदा विधायक सतीश कुमार दास से परेशान हैं और उन्हें टिकट मिलने पर आरजेडी को वोट नहीं देंगे। आरजेडी के कार्यकर्ताओं ने राबड़ी देवी से मुलाकात कर अपनी बात कही और राबड़ी देवी ने भी उनकी बात सुनी। हालांकि, अभी आरजेडी उम्मीदवारों की लिस्ट आने में समय है। लिस्ट आने के बाद ही यह साफ होगी कि राबड़ी देवी ने कार्यकर्ताओं की बात मानी है या नहीं।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विधायक बनने के बाद सतीश कुमार दास ने तानाशाही रवैया अपनाया लिया। उन्होंने विकास कराया, न ही कार्यकर्ताओं को सम्मान दिया। कुछ लोगों का आरोप है कि वह जातिगत राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं और समाज में फूट डाल रहे हैं।
आरजेडी के पास क्या हैं विकल्प?
मखदुमपुर में पिछले दो चुनाव आरजेडी ने ही जीते हैं, लेकिन इस बार मौजूदा विधायक का लगातार विरोध हो रहा है। ऐसे में पार्टी यह सीट गठबंधन के किसी साथी को दे सकती है। पार्टी के पास यहां से उम्मीदवार बदलने का भी विकल्प है, लेकिन ऐसा करने पर बगावत का खतरा रहेगा। बगावत होने पर पार्टी को नुकसान हो सकता है। इससे बचने के लिए यह सीट कांग्रेस को दी जा सकती है। हालांकि, इस सीट पर आरजेडी का दबदबा रहा है। 2024 लोकसभा चुनाव में भी यहां से आरजेडी उम्मीदवार ने बढ़त ली थी।
आंतरिक कलह से जूझ रही आरजेडी
लालू यादव की पार्टी चुनाव से पहले आंतरिक कलह से जूझ रही है। वह अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी से निकाल चुके हैं। ऐसे में तेज प्रताप ने नई पार्टी बना ली है और उनका कहना है कि आरजेडी जयचंदों से भरी हुई है। बहन रोहिणी आचार्य ने भी संजय यादव पर निशाना साधते हुए कहा था कि कुछ लोग तेजस्वी की कुर्सी हथियाना चाहते हैं। ऐसे में आरजेडी के लिए महगठबंधन में सीट का बंटवारा करना और चुनाव जीतना आसान नहीं होगा।
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