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Hindi News दिल्ली 'जल्लाद' बनी ज्योति को कोर्ट ने दे दी जमानत, सोते पति पर डाला था खौलता लाल मिर्च का पानी

'जल्लाद' बनी ज्योति को कोर्ट ने दे दी जमानत, सोते पति पर डाला था खौलता लाल मिर्च का पानी

दिल्ली के नांगलोई इलाके में एक पत्नी ने अपने ही पति पर सोते समय लाल मिर्च मिला गर्म पानी डाल दिया था और इसके बाद फरार हो गई थी। ज्योति ने सूरज को मारने की नियत से घर का दरवाजा भी बंद कर दिया था जिससे उसे चिकित्सकीय मदद नहीं मिल पाई।

boiling water- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली की एक अदालत ने उस महिला को जमानत दे दी है जिस पर आरोप है कि उसने लाल मिर्च पाउडर मिला खौलता पानी अपने पति पर डालकर उसकी हत्या करने की कोशिश की। कोर्ट ने कहा कि मामले में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है और अब जांच के लिए महिला की हिरासत की आवश्यकता नहीं है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ आरोपी महिला ज्योति उर्फ किट्टू की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसके खिलाफ नांगलोई थाने में FIR दर्ज की गई थी।

क्या है पूरा मामला?

बाहरी दिल्ली के नांगलोई इलाके में एक पत्नी ने अपने ही पति सूरज पर सोते समय खौलता पानी और मिर्च डालकर फरार हो गई थी। ज्योति ने सूरज को मारने की नियत से घर का दरवाजा भी बंद कर दिया था जिससे उसे चिकित्सकीय मदद नहीं मिल पाई। घटना की शिकायत दर्ज होने पर महिला ने जनवरी में दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। 

रोती रही 3 महीने की बेटी

पुलिस के अनुसार, यह घटना तब हुई जब सूरज ने ज्योति को उसके पिछले संबंधों और कथित झूठे रेप के मामलों के बारे में टोका था। सूरज ने 27 दिसंबर 2024 को पुलिस में शिकायत दर्ज की थी, जिसमें उसने ज्योति पर धोखाधड़ी, जबरन शादी और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। सूरज का कहना है कि ज्योति ने कई लोगों के खिलाफ झूठे बलात्कार के मामले दर्ज किए थे और उसे भी धमकी देकर शादी के लिए मजबूर किया था। जिसके बाद एक जनवरी को रात तीन बजे ज्योति ने सूरज पर खौलता पानी और मिर्च डालकर फरार हो गई। उसने तीन महीने की बेटी को भी कमरे में रोता हुआ छोड़ दिया था।

कोर्ट ने क्या कहा?

अदालत ने 9 जुलाई के अपने आदेश में कहा, ‘‘अभियोजन पक्ष का कथन है कि याचिकाकर्ता या आरोपी शिकायतकर्ता की पत्नी है और घटना वाले दिन उसने लाल मिर्च पाउडर मिला हुआ खौलता पानी उस पर फेंका... और उसके बाद वह दरवाजा बाहर से बंद करके वहां से भाग गई और शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गई।’’ अदालत ने कहा कि आरोपपत्र भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) और धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत दाखिल किया गया था। अदालत ने कहा, ‘‘इस चरण में देखा गया कि मेडिको-लीगल रिपोर्ट (एमएलसी) के अनुसार, पीड़ित को मामूली चोटें आई हैं। आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और जांच के लिए अब उसकी (आरोपी की हिरासत) जरूरत नहीं है। जहां तक पीड़ित और गवाहों को धमकाने के मामले का सवाल है, उसे उचित शर्तें लगाकर संभाला जा सकता है।’’

अदालत ने जमानत बांड और 30,000 रुपये का मुचलका जमा करने की शर्त पर जमानत दी। अदालत ने अन्य शर्तें भी लगाईं, जिनमें मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई प्रलोभन, धमकी या वादा नहीं करना तथा पीड़ित और सरकारी गवाहों के घर या इलाके में नहीं जाना शामिल है। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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