दिल्ली सरकार ने सभी प्राइवेट कंपनियों को सलाह दी है कि सप्ताह में कम से कम दो दिन कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम जरूर दें। इसके साथ ही ऑफिस टाइम में बदलाव करने और कर्मचारियों को कार पूलिंग करने की सलाह दी है। दिल्ली सरकार की तरफ से सभी नागरिकों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की है। दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया है कि ईंधन बचाने के लिए ये उपाय जरूरी हैं।
पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के कारण दुनिया भर में ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं। भविष्य में भी कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसी वजह से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के दाम बढ़ रहे हैं। इनकी खपत कम करने के लिए सरकार खुद कई उपाय अपना रही है और लोगों से भी ऐसा करने के लिए कह रही है।
दिल्ली सरकार ने विमान ईंधन पर वैट घटाया
आम जनता को राहत देने के लिए दिल्ली सरकार ने विमान के ईंधन पर लगने वाले वैट में बड़ी कटौती की है। पहले जेट फ्यूल में 25 फीसदी वैट लगता था। अब इसे कम करके सात फीसदी कर दिया गया है। इससे दिल्ली एयरपोर्ट में फ्यूल भरवाने वाले विमानों को महंगाई की मार से थोड़ी राहत मिलेगी और लोगों का किराया भी कम हो सकता है। सरकार ने कहा कि इस फैसले से एयरलाइन कंपनियों और यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुरू किया ऑनलाइन बैठकों का सिलसिला
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार से ऑनलाइन बैठकों का सिलसिला शुरू कर अधिकारियों को सरकार के निर्णयों को लागू करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने ईंधन बचाने के लिए 90 दिवसीय 'मेरा भारत मेरा योगदान' नाम से एक अभियान शुरू किया है, जिसके तहत सरकार की 50 प्रतिशत बैठकें ऑनलाइन आयोजित की जानी है। सीएम गुप्ता ने इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण, संसाधनों की बचत और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के आह्वान को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक स्तर पर ऑनलाइन बैठकें शुरू कर दी हैं। गुप्ता ने सचिवालय में संभागीय आयुक्त, सभी जिलाधिकारियों (डीएम) और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर सरकार के निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अधिकतम सरकारी बैठकों को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जाए ताकि ईंधन, समय और संसाधनों की बचत सुनिश्चित हो सके।
सभी विभागों को ईंधन बचाने के निर्देश
सीएम ने सभी विभागों को बिजली की खपत कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने, कार्यालयों में ऊर्जा बचत के उपाय अपनाने तथा जिम्मेदार प्रशासनिक कार्यशैली विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने वाहनों के ईंधन खर्च में कम से कम 20 प्रतिशत तक कमी सुनिश्चित करें। गुप्ता ने 'मेट्रो मंडे' पहल को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारी और कर्मचारी सप्ताह में एक दिन मेट्रो तथा सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग करें, ताकि आमजन के बीच सकारात्मक संदेश जाए। इसके साथ ही उन्होंने सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे (वाहन रहित दिवस)' को भी प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन, आरोग्य मंदिर, अग्निशमन विभाग के कार्यालयों तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़े केंद्रों का नियमित दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए।
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