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Hindi News दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने सुसाइड करने वाले शख्स के स्पर्म सुरक्षित रखने की दी अनुमति

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुसाइड करने वाले शख्स के स्पर्म सुरक्षित रखने की दी अनुमति

याचिकाकर्ता ने अदालत में यह तर्क दिया कि भारतीय कानून के तहत शुक्राणु नमूना मृत व्यक्ति की संपत्ति के रूप में माना जाता है। इस मामले में उल्लेखित व्यक्ति ने 22 जनवरी को आत्महत्या की थी।

delhi high court- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में आत्महत्या करने वाले एक व्यक्ति के शुक्राणुओं को सुरक्षित रखने की अनुमति दे दी है। जस्टिस सचिन दत्ता ने व्यक्ति के परिजनों द्वारा दायर याचिका पर यह निर्देश पारित किया, जिसमें भविष्य में सहायक प्रजनन चिकित्सा में उपयोग के लिए पोस्टमॉर्टम शुक्राणु संरक्षण (PMSR) प्रक्रिया के माध्यम से उसके वीर्य को सुरक्षित रखने का अनुरोध किया गया था।

अदालत ने 24 जनवरी के आदेश में कहा, “याचिकाकर्ता के वकील के अनुरोध पर, प्रतिवादी नंबर 2 (अस्पताल) को निर्देश दिया जाता है कि वह याचिकाकर्ताओं के जोखिम और खर्च पर किसी अन्य अस्पताल के माध्यम से पीएमएसआर प्रक्रिया कराने का प्रयास करे, जो ऐसा करने में सक्षम हो।” जस्टिस दत्ता ने कहा कि शुक्राणु को उस अस्पताल द्वारा संरक्षित किया जाना चाहिए जहां पीएमएसआर प्रक्रिया की जाएगी।

शख्स ने 25 जनवरी को की थी आत्महत्या

याचिकाकर्ता ने अदालत में यह भी तर्क दिया कि भारतीय कानून के तहत शुक्राणु नमूना मृत व्यक्ति की संपत्ति के रूप में माना जाता है। मामले में उल्लेखित व्यक्ति ने 22 जनवरी को आत्महत्या की थी। मामले की अगली सुनवाई आठ जुलाई को होगी।

PMSR क्या है?

बता दें, मृत व्यक्ति के शुक्राणुओं को निकालने की प्रक्रिया को मरणोपरांत शुक्राणु पुनर्प्राप्ति (PMSR) कहते हैं। इस प्रक्रिया के जरिए, मृत व्यक्ति के वृषण से शुक्राणु निकाले जाते हैं। इन शुक्राणुओं का इस्तेमाल प्रजनन के लिए किया जा सकता है।