नई दिल्ली: देश की राजधानी में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस का अभियान जारी है। द्वारका जिला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 05 नाइजीरियाई नागरिकों को पकड़ा है, जो बिना वैध वीजा और दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इन सभी को अब उनके देश वापस भेजने (डिपोर्टेशन/रिपेट्रिएशन) की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
खुफिया सूचना के आधर पर कार्रवाई
द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह के नेतृत्व में 'ऑपरेशन यूनिट' और स्थानीय थानों की टीमों को विशेष निर्देश दिए जिसमें उनको अपने क्षेत्रों में रह रहे विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की गहनता से जांच करने के निर्देश जारी किए गए थे। दिल्ली पुलिस को गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि कुछ विदेशी नागरिक बिना वैध वीजा के न केवल यहां रह रहे हैं, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों में भी शामिल हो सकते हैं।
कैसे शिकंजे में आए नाइजीरियाई नागरिक?
डीसीपी ने जानकारी दी कि पुलिस ने इस ऑपरेशन को दो मुख्य टीमों में बांटकर अंजाम दिया गया है। जिसमें उत्तम नगर पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इलाके से 03 नाइजीरियाई नागरिकों को हिरासत में लिया। जांच में पाया गया कि इनका वीजा काफी समय पहले खत्म हो चुका था। इन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
वहीं द्वारका जिले की एंटी नारकोटिक्स सेल ने 02 नाइजीरियाई नागरिकों को धर दबोचा। इनके पास भी रहने का कोई कानूनी आधार नहीं मिला, जिसके बाद इनकी स्वदेश वापसी सुनिश्चित की गई।
द्वारका जिले की ऑपरेशन यूनिट और स्थानीय पुलिस लगातार ऐसे विदेशी नागरिकों पर नजर रख रही है जिनके पास वैध वीजा नहीं है या जो अवैध रूप से इलाके में घूम रहे हैं। जांच के दौरान पाया गया कि ये पांचों नागरिक बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रह रहे थे।
डिटेंशन सेंटर भेजा गया
दिल्ली पुलिस के मुताबिक पकड़े जाने के बाद इन सभी को FRRO (Foreigners Regional Registration Office) के सामने पेश किया गया। दस्तावेजों की कमी और अवैध प्रवास को देखते हुए FRRO ने इन्हें डिपोर्ट करने के आदेश जारी किए, जिसके बाद इन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया।
पकड़े गए विदेशी नागरिक
- मैथ्यू चिकवाडो ओनुवा (नाइजीरिया)
- पॉल ओन्येकाची एकवेंज़े (नाइजीरिया)
- आयुगुहझ एल्विस (नाइजीरिया)
- क्रिस्टोफर उचेचुकवु कालू (नाइजीरिया)
- जॉन न्नामदी ओकाफोर (नाइजीरिया)
फिलहाल दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसाधनों का गलत इस्तेमाल करने वाले और अवैध रूप से रहने वाले विदेशियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।