सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन यानी सीबीएसई ने 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। 2026 से 10वीं कक्षा की परीक्षा साल में 2 बार होगी। सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, "परीक्षा का पहला चरण फरवरी में आयोजित किया जाएगा, उसके बाद मई में दूसरा चरण आयोजित किया जाएगा। पहला चरण स्टूडेंट्स के लिए अनिवार्य होगा। वहीं, दूसरा चरण स्टूडेंट्स के लिए वैकल्पिक होगा। छात्रों को विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने की अनुमति दी जाएगी।"
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा
इसको लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भी एक बयान सामन आया है। उन्होंने कहा, "वर्ष में दो बार कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा से तनाव कम होगा, अधिक लचीलापन मिलेगा और आनंदपूर्ण शिक्षण वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।"
प्वाइंट्स में समझें डिटेल
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने कक्षा 10 के लिए वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के मानदंडों को मंजूरी दे दी है। इन्हें नीचे प्वाइंट्स से बेहतर समझ सकते हैं-
- स्वीकृत मानदंडों के अनुसार, शीतकालीन सेशन वाले स्कूलों के सीबीएसई कक्षा 10वीं के छात्रों को किसी भी चरण में बोर्ड परीक्षा में बैठने का विकल्प मिलेगा।
- सीबीएसई ने यह भी बताया है कि एकेडमिक सेशन के दौरान आंतरिक मूल्यांकन (Internal assessments) केवल एक बार ही किया जाएगा।
- परीक्षा के दोनों चरणों के लिए अलग-अलग रिजल्ट घोषित किए जाएंगे।
- दोनों चरणों के परिणाम क्रमश: अप्रैल और जून में घोषित किए जाएंगे।
सीबीएसई ने फरवरी में मसौदा मानदंडों की घोषणा की थी, जिन्हें हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए सार्वजनिक डोमेन में रखा गया था। NEP ने सिफारिश की है कि बोर्ड परीक्षाओं के "उच्च-दांव" पहलू को खत्म करने के लिए, सभी छात्रों को किसी भी स्कूल वर्ष के दौरान दो मौकों पर परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी।
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