12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र-छात्राएं अपने करियर की अलग-अलग राह पकड़ लेते हैं। कोई इंजीनियरिंग की तरफ जाता है, कोई मेडिकल लाइन में कदम रखता है। वहीं, किसी की तमन्ना सीए बनने की होती है तो वे कॉमर्स से ग्रेजुएशन की ओर रुख करते हैं और कुछ सिंपल एकेडमिक्स कोर्सेज में आगे बढ़ते हैं। इसके अलावा कुछ की ख्वाइश लीग से अलग करने की होती है तो ऐसे स्टूडेंट्स साइंटिस्ट, एस्ट्रोनॉट आदि बनने के सपने संजोते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक Astronaut कैसे बन सकते हैं। अगर नहीं तो कोई बात नहीं, आज इस खबर के माध्यम से हम आपको इस जानकारी से अवगत कराएंगे। चो चलिए जानते हैं।
सबसे पहले आपको बता दें कि Astronaut यानी अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए खास तौर पर भारत में इसरो के साथ विज्ञान और इंजीनियरिंग में मजबूत शैक्षिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ प्रासंगिक पेशेवर अनुभव भी बहुत जरूरी है। इसके लिए एयरोस्पेस इंजीनियरिंग जैसे STEM क्षेत्रों में मास्टर डिग्री अक्सर एक शर्त होती है। इसके अलावा, शारीरिक और मानसिक फिटनेस, अच्छे कम्यूनिकेशन और टीमवर्क स्किल, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के अनुकूल होने की क्वालिटी भी जरूरी है।
Astronaut बनने के लिए योग्यता?
एक अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए ग्रेजुएशन की डिग्री के बाद मास्टर या डॉक्टरेट की डिग्री अपेक्षित होती है तथा इंजीनियरिंग (विशेष रूप से एयरोस्पेस, वैमानिकी, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल), भौतिकी, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान या गणित जैसे क्षेत्रों को प्रायोरिटी दी जाती है।
एक अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए एविएशन, एयरोस्पेस या सैन्य सेवा (विशेष रूप से पायलट के रूप में) जैसे क्षेत्रों में कई वर्षों का रिलेवेंट(प्रासंगिक) प्रोफेशनल एक्सपीरिएंस जरूरी होता है।
इंडिया में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) में पायलट(विशेष रूप से लड़ाकू जेट विमानों में) के रूप में अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को अक्सर प्राथमिकता दी जाती है।
शुभांशु शुक्ला की एजुकेशन
शुभांशु शक्ला ने एनडीए से कंप्यूटर विज्ञान में विज्ञान स्नातक की डिग्री पूरी की। इसके बाद में उन्होंने आईआईएससी बेंगलुरु में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की।
ISRO और NASA में कैसे होता है सेलेक्शन?
अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से गुजरना होता है, जिसमें साक्षात्कार, चिकित्सा और शारीरिक परीक्षण, तथा अंतरिक्ष कार्यक्रम का परिचय शामिल है।
NASA में एस्ट्रोनॉट बनने के लिए डिग्री पूरी होने के बाद कम से कम तीन वर्ष का संबंधित व्यावसायिक अनुभव प्राप्त होना चाहिए (या पायलट-इन-कमांड के 1,000 घंटे, जिनमें से कम से कम 850 घंटे पायलटों के लिए उच्च प्रदर्शन वाले जेट विमान में काम करने के हों)। वहीं, इसके लिए कैंडिडेट्स के बास यूएस की नागरिकता होनी चाहिए।