उत्तर प्रदेश के जेवर में बनकर तैयार हुआ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न केवल अपनी भव्यता के लिए, बल्कि अपनी शानदार कनेक्टिविटी के लिए भी पूरी दुनिया में मिसाल बनने जा रहा है। आमतौर पर किसी भी बड़े एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए एक या दो मुख्य रास्ते होते हैं, लेकिन नोएडा एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा अनोखा एयरपोर्ट होगा जो 4 एक्सप्रेसवे, 1 नेशनल हाईवे और हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से सीधे जुड़ा होगा। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम ही नहीं, बल्कि मेरठ, आगरा और हरियाणा के शहरों से भी एयरपोर्ट पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। आइए समझते हैं क्या है जेवर एयरपोर्ट का यह मेगा कनेक्टिविटी प्लान।
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नोएडा एयरपोर्ट को सड़क मार्ग से इतना मजबूत बनाया जा रहा है कि यात्रियों का घंटों का सफर मिनटों में सिमट जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे से इसकी कनेक्टिविटी पहले ही हो चुकी है। अब इसे 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेस-वे के जरिए गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, जिससे मेरठ और बुलंदशहर सहित यूपी के 22 जिलों के लोग सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
एयरपोर्ट को इस मेगा प्रोजेक्ट से जोड़ने के लिए 31 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बन रहा है। जेवर की सीमा में इसका काम पूरा हो चुका है, जिससे हरियाणा और मुंबई की ओर से आने वाले वाहनों को सीधी राह मिलेगी। वहीं, यमुना एक्सप्रेसवे को जगनपुर के पास पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए 8 लूप बनाए जा रहे हैं। इससे गाजियाबाद और हापुड़ के लोगों को परी चौक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
रेल, मेट्रो और RRTS से भी जुड़ाव
सिर्फ सड़क ही नहीं, एयरपोर्ट को रेल और मेट्रो नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा। नमो भारत RRTS, मेट्रो और हाईस्पीड ट्रेन के जरिए यात्री सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी के लिए भी मेट्रो विस्तार की योजना है।
कार्गो और इंडस्ट्रियल कनेक्टिविटी भी मजबूत
एयर कार्गो टर्मिनल को जोड़ने के लिए अलग सड़क बनाई जा रही है। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा से पलवल तक नई सड़क परियोजना पर भी काम चल रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स को बड़ा फायदा मिलेगा।