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Noida International Airport: 25 साल पुराना सपना हुआ साकार, जानें 2001 से 2026 तक के सफर की पूरी कहानी

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Mar 28, 2026 03:10 pm IST,  Updated : Mar 28, 2026 03:10 pm IST

उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भव्य उद्घाटन किया। इस एयरपोर्ट से न केवल दिल्ली के एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को भी नई उड़ान मिलेगी।

नोएडा इंटरनेशनल...- India TV Hindi
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन Image Source : POSTED ON X BY @MYOGIADITYANATH

उत्तर प्रदेश के इतिहास में 28 मार्च 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का उद्घाटन करना सिर्फ एक हवाई अड्डे की शुरुआत नहीं है, बल्कि एक 25 साल लंबे संघर्ष, राजनीति के उतार-चढ़ाव और करोड़ों लोगों की उम्मीदों के सच होने की कहानी है। जो प्रोजेक्ट कभी कागजों में दबा हुआ था, आज वह एशिया के सबसे आधुनिक विमानन केंद्रों में से एक बनकर तैयार है। आइए, एक नजर डालते हैं 2001 से लेकर 2026 तक के इस रोमांचक सफरनामे पर।

शुरुआत: राजनाथ सिंह का वो विजन (2001-2010)

इस महा-प्रोजेक्ट की नींव साल 2001 में पड़ी थी, जब उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए इंटरनेशनल एयरपोर्ट एंड एविएशन हब का प्रस्ताव रखा। हालांकि, इसके बाद यह फाइल लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रही। साल 2010 में मुख्यमंत्री मायावती ने इस पर फिर से ध्यान दिया और रक्षा मंत्रालय से जरूरी क्लीयरेंस हासिल किया, जिससे इस सपने को पहली बार थोड़ी संजीवनी मिली।

दूरी का विवाद और आगरा का मोड़ (2012-2015)

साल 2012 में इस प्रोजेक्ट को एक बड़ा झटका लगा जब केंद्र की यूपीए सरकार ने दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से इसकी दूरी 150 किलोमीटर से कम होने का हवाला देकर प्रस्ताव को लटका दिया। इसके बाद 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे जेवर से हटाकर आगरा ले जाने का प्रयास किया, ताकि आईजीआई से 200 किमी की दूरी की शर्त पूरी हो सके। हालांकि, 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद यह प्रोजेक्ट फिर से अपनी मूल जगह यानी जेवर वापस लौटा।

जमीन अधिग्रहण और कानूनी प्रक्रिया (2017-2019)

असली काम 6 जुलाई 2017 से शुरू हुआ जब निर्माण साइट की अनुमति मिली। इसके बाद गृह मंत्रालय की एनओसी (NOC), सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट और धारा-17 व 19 जैसी कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए जमीन अधिग्रहण का रास्ता साफ हुआ। 25 मई 2019 को प्रशासन ने किसानों को मुआवजा बांटना शुरू किया और अगस्त 2019 में प्रस्तावित जमीन पर कब्जा लेना शुरू किया गया।

ज्यूरिख कंपनी का आगमन और शिलान्यास (2019-2021)

29 नवंबर 2019 को ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी ने सबसे ऊंची बोली लगाकर इस एयरपोर्ट को बनाने का ठेका हासिल किया। इसके बाद 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भव्य शिलान्यास किया, जिसके बाद निर्माण कार्य मिशन मोड में शुरू हो गया।

ट्रायल से उद्घाटन तक का अंतिम पड़ाव (2024-2026)

बीते दो साल जेवर के लिए बेहद अहम रहे। 9 दिसंबर 2024 को पहली बार रनवे पर विमान की आवाजाही का ट्रायल हुआ। इसके बाद मार्च 2026 की शुरुआत में 'नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो' ने संपूर्ण सुरक्षा को मंजूरी दी और 6 मार्च 2026 को अंतिम एयरोड्रम लाइसेंस जारी हुआ।

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