दिल्ली के प्राइवेट स्कूल में EWS एडमिशन के लिए बढ़ा दी गई इनकम लिमिट, साथ ही नई SOP भी लागू
दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में EWS सीटों के एडमिशन के लिए ड्रा लॉटरी निकली गई। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस साल से दिल्ली के स्कूलों में नई SOP भी लागू कर दी गई है।
दिल्ली के सभी प्राइवेट स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) कोटे के तहत दाखिले के लिए शिक्षा निदेशालय के कॉन्फ्रेंस रूम में 'ड्रॉ ऑफ लॉट्स' के जरिए ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई। इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि दिल्ली में पहली बार लॉटरी की ये प्रक्रिया हज़ारों अभिभावकों और मीडिया की मौजूदगी में पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुई।
पारदर्शी तरीके से निकाला गया ड्रा
सूद ने आगे बताया कि लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षा मंत्री कहा कि पहली बार पारदर्शी तरीके से तीन कैटेगरी नर्सरी, केजी और फर्स्ट क्लास के लिए आज ड्रॉ निकाला गया। दिल्ली की एक महिला (गायत्री) के बेटे भावेश के लिए केजी और पहली क्लास के लिए 'ड्रॉ ऑफ लॉट्स' के लिए स्टैंडअलोन कंप्यूटर के बटन को दबा कर ड्रा की शुरुआत हुई। जहां ड्रा निकाला गया, शिक्षा निदेशालय के ऑफिस में जो स्टैंडअलोन कंप्यूटर था उस कमरे में इंटरनेट की कोई भी सुविधा मौजूद नहीं थी, यहां तक की मीडियाकर्मियों के फोन भी कमरे के अंदर नहीं ले जाने दिए गए। शिक्षा निदेशक भी अपना फोन कमरे के अंदर लेकर नहीं गए और स्वयं वे भी अपना फोन अंदर नहीं लेकर गए। पहले दिल्ली के स्कूलों में नर्सरी में एडमिशन की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जाती थी, लोग ड्रा में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते थे, जिसको लेकर मुख्यमंत्री रेखा बहुत चिंतित थी, हमने अबकी बार प्रयास किया है कि इसको बहुत ही पारदर्शी तरीके से और बहुत ही ओपन तरीके से पूरा किया जाए।
EWS कोटे के लिए बढ़ी इनकम लिमिट
उन्होंने आगे बताया कि ड्रा में पारदर्शिता के लिए अभिभावकों, बच्चों और मीडिया को भी बुलाया गया था। इस बार के एडमिशन प्रोसेस के लिए EWS कोटे के लिए वार्षिक आय की लिमिट 2.5 लाख को बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें शामिल हो सकें। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि हमारी सरकार ने स्कूलों में प्रवेश के लिए EWS की आय सीमा को बढ़ाकर शिक्षा की सुलभता को और मजबूत करने का प्रयास किया है।
पूरी प्रक्रिया पर बारीकी से नज़र रखने के लिए आयोजन स्थल पर तीन अलग-अलग स्थानों पर कैमरे लगाए गए थे। जगह की सीमित क्षमता को देखते हुए पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, कई टेलीविजन स्क्रीन भी लगाई गईं, जिससे सभी उपस्थित माता-पिता ड्रा को अपने सामने देख सकें। उन्होंने यह भी बताया कि चयनित बच्चों को आज शाम तक SMS मिल जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत ड्रा के माध्यम से चुने गए छात्र अपने सत्यापित दस्तावेज लेकर आवंटित हुए स्कूलों में जमा करेंगे और सभी स्कूल उन्हें बिना किसी इनकार के साथ एडमिशन देने के लिए बाध्य होंगे।
आए थे किस कक्षा के लिए कितने आवेदन?
इस साल नर्सरी के लिए कुल 1299 प्राइवेट स्कूलों के 24,933 सीटों के लिए 100854 छात्रों के आवेदन प्राप्त हुए। इसी प्रकार केजी क्लास के लिए 622 स्कूल के 4682 सीट के लिए 40488 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं 1213 स्कूल के कक्षा 1 के 14430 सीट के लिए 62597 आवेदन प्राप्त हुए थे। इन सभी के लिए ड्रा निकाला गया जिसके बाद सारे डेटा को फ्रीज कर दिया गया है इसके लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी, उन्होंन सार्वजनिक रूप से CD बना कर साइन करके सील करके डायरेक्टर ऑफिस में जमा करा दिया है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने इतनी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ EWS कोटा के लिए ड्रा आयोजित किया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह वंशवाद का युग नहीं है जिसमें केवल पढ़े-लिखे बच्चों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। उनका चयन पूरी तरह से उनकी योग्यता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नर्सरी में दाखिले के लिए EWS कोटे की 25% सीटों पर दाखिले के लिए करीब ढाई लाख से ज्यादा आवेदन आए थे। लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दिल्ली के सभी प्राइवेट स्कूलों में EWS कोटे के तहत बच्चों का बहुत जल्द एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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