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Hindi News एजुकेशन JEE Main 2026 Session 1 Exam: कैसा रहा पेपर, कितना कठिन और कितना सरल? जानें स्टूडेंट्स और एक्सपर्ट्स ने क्या कहा

JEE Main 2026 Session 1 Exam: कैसा रहा पेपर, कितना कठिन और कितना सरल? जानें स्टूडेंट्स और एक्सपर्ट्स ने क्या कहा

जेईई मेन 2026 की सेशन 1 परीक्षा की पहली शिफ्ट का एग्जाम पूरा हो चुका है। दोपहर 3 बजे से दूसरी शिफ्ट आयोजित की जाएगी। आइए जानते हैं कि स्टूडेंट्स और एक्सपर्ट्स ने पेपर को कितना कठिन और कितना सरल बताया।

सांकेतिक फोटो- India TV Hindi Image Source : PEXELS सांकेतिक फोटो

JEE Main 2026 Session 1 Exam: जेईई मेन 2026 की सेशन 1 परीक्षा की पहली शिफ्ट का एग्जाम हो समाप्त चुका है। पहली शिफ्ट में शामिल हुए कैंडिडेट्स ने पेपर को मुश्किल बताया। कैंडिडेट्स के मुताबिक, फिजिक्स काफी कठिन था, मैथ्स लंबा और मुश्किल था। वहीं, केमिस्ट्री को आसान और स्कोरिंग माना गया। JEE मेन के उम्मीदवार राहुल गुप्ता ने इंडिया टीवी डिजिटल को बताया, "फिजिक्स और मैथ्स सेक्शन बहुत मुश्किल था, मैं 50 परसेंट सवाल भी अटेम्प्ट नहीं कर पाया। फिजिक्स और मैथ्स काफी कॉन्सेप्चुअल थे और JEE एडवांस्ड पेपर जैसे लग रहे थे। वहीं, केमिस्ट्री सेक्शन आसान था और उसमें अच्छे नंबर मिल सकते थे।"

एक और JEE Main के उम्मीदवार नमित सिंह ने कहा, "यह एक मुश्किल पेपर था, मैं समय पर पेपर पूरा नहीं कर पाया। पेपर में केमिस्ट्री सेक्शन स्कोरिंग था, लेकिन फिजिक्स और मैथ्स के सवाल JEE Mains लेवल के नहीं थे।"

एक्सपर्ट्स ने क्या बताया?

JEE Mains शिफ्ट वन पेपर को एक्सपर्ट्स ने मुश्किल बताया। शिक्षा नेशन के CEO और फाउंडर सौरभ कुमार के मुताबिक-

  • फिजिक्स- अधिकतर कैंडिडेट्स ने फिजिक्स को मुश्किल बताया। इस सेक्शन को लंबा और कॉन्सेप्चुअली मुश्किल बताया गया, जिसमें ऐसे सवाल थे जिनके लिए कॉन्सेप्ट्स की गहरी समझ की जरूरत थी।
  • गणित- गणित पेपर का सबसे मुश्किल सेक्शन बनकर उभरा। स्टूडेंट्स को यह बहुत ज्यादा टाइम लेने वाला लगा, जिसमें मुश्किल कैलकुलेशन और ऐसे सवाल थे जो प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स को अच्छी तरह से टेस्ट करते थे।
  • केमिस्ट्री- केमिस्ट्री को आसान और स्कोरिंग माना गया। अधिकतर सवाल मेमोरी बेस्ड, सीधे-सादे थे और फिजिक्स और गणित की तुलना में कम समय लेते थे।

वहीं, ओसवाल बुक्स के CEO प्रशांत जैन ने कहा, "आज के JEE मेन पेपर में शामिल हुए स्टूडेंट्स के फीडबैक के आधार पर, ओवरऑल डिफिकल्टी लेवल मीडियम था, जिसमें मैथमेटिक्स सबसे अधिक टाइम लेने वाला सेक्शन था। फिजिक्स में कॉन्सेप्चुअल क्लैरिटी और एप्लीकेशन को टेस्ट किया गया, जबकि केमिस्ट्री अधिकतर NCERT पर आधारित थी और तुलनात्मक रूप से आसान थी, जिससे यह सबसे ज्यादा स्कोरिंग सेक्शन बन गया। पेपर में रटने के बजाय फंडामेंटल्स को समझने पर ज्यादा ध्यान दिया गया था। जिन स्टूडेंट्स ने टाइम को अच्छे से मैनेज किया और अटेम्प्ट्स के बजाय एक्यूरेसी को प्राथमिकता दी, उन्हें फायदा होने की संभावना है। आने वाली शिफ्ट्स के लिए, उम्मीदवारों को मुख्य कॉन्सेप्ट्स पर ध्यान देना चाहिए, शांत रहना चाहिए और पिछली शिफ्ट के एनालिसिस से प्रभावित होने से बचना चाहिए।"

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