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एमबीबीएस समेत अन्य मेडिकल छात्र ध्यान दें, एनएमसी ने जारी की नई एडवाइजरी

NMC ने मेडिकल छात्रों को आगाह करते हुए एक एडवाइजरी जारी की है, साथ ही विदेश के मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए नियम बताए हैं।

NMC- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO NMC

नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने छात्रों, पैरेंट्स और अन्य लोगों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, यह एडवाइजरी अनअथाराइज्ड मेडिकल कॉलेज और ऑफसोर मेडिकल कोर्स के बारे में है। एडवाइजरी में छात्रों को उन संस्थानों के प्रति अगाह किया गया है जो फर्जी मान्यता का हवाला देकर मेडिकल एडमिशन दे रहे हैं।

एनएमसी ने बताया कि केवल आधिकारिक वेबसाइट पर लिस्टेड मेडिकल कॉलेज को ही बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस) और अन्य डिग्री कोर्स की डिग्री देने की अनुमति है। लिस्टेड नहीं किए गए एक भी कॉलेज में एडमिशन न लें क्योंकि उन्हें परमिशन नहीं दी गई है।

एडवाइजरी में क्या दी गई सलाह?

एडवाइजरी में सलाह दी गई है,'केवल आधिकारिक वेबसाइट nmc.org.in (https://www.nmc.org.in/information-desk/college-and-course-search/) पर लिस्टेड मेडिकल कॉलेजों को भारत में एमबीबीएस और अन्य मेडिकल डिग्री प्रोग्राम कराने की अनुमति है। एनएमसी की आधिकारिक लिस्ट में शामिल न होने वाले संस्थान अनधिकृत हैं और एनएमसी नियमों का उल्लघंन करने का काम कर रहे हैं। आयोग नियमित आधार पर लिस्ट को अपडेट करना सुनिश्चित करता है।'

2 संस्थानों पर की जा रही कार्रवाई

देश में ऐसे 2 संस्थानों के नाम सामने आए हैं, जो फर्जी रूप में से एडमिशन ले रहे थे। राजस्थान में सिंघानिया यूनिवर्सिटी कथित तौर पर एनएमसी की मान्यता के बिना एमबीबीएस कोर्स चलाने के लिए कानूनी कार्यवाही की सामना कर रहा है। साथ ही पश्चिम के हावड़ा में संजीवन अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भी बिना अनुमति के मेडिकल कोर्स चलाता पाया गया। संस्थान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।

एनएमसी ने विदेश से एमबीबीएस आदि मेडिकल कोर्स करने वालों को भी नियमों की जानकारी दी है।

क्या है नियम?

  • छात्र ने किसी एक संस्थान से न्यूनतम 54 माह की मेडिकल शिक्षा पूरी की हो।
  • 12 माह की इंटर्नशिप उसी विदेशी यूनिवर्सटी में पूरी की जानी चाहिए।
  • क्लिनिकल ट्रेनिंग अलग-अलग संस्थानों या देशों में नहीं बांटा जाना चाहिए।
  • साथ ही शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी में होना चाहिए था।
  • उम्मीदवार को शेड्यूल-I में लिस्टेड सब्जेक्ट की पढ़ाई जरूर करनी चाहिए।
  • अभ्यर्थी को संबंधित व्यासायिक विनियामक निकाय के साथ रजिस्टर्ड नहीं होना चाहिए, या उस देश में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए लाइसेंस प्राप्त करने योग्य होना चाहिए, जहां उसने डिग्री हासिल की है, जो उस देश के नागरिकों को दिए गए लाइसेंस के बराबर हो।

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