ऐश्वर्या राय जितनी खूबसूरत हसीना, कहलाई डुप्लीकेट, गहरी नीली आंखें देख धोखा खा जाते हैं लोग
नीली आंखों वाली इस एक्ट्रेस ने 17-18 साल की उम्र में ही एक्टिंग की दुनिया में कदम रख दिए थे, लेकिन कुछ ही सालों में बड़े पर्दे पर इनका जादू फीका पड़ गया और फिर एक गंभीर बीमारी के चलते ये सालों के लिए बड़े पर्दे से दूर हो गईं।

फिल्मी दुनिया में हर साल नई-नई हसीनाएं अपने करियर की शुरुआत करती हैं और अपने हुस्न का जादू चलाती हैं। लेकिन, कुछ की खूबसूरती ने दर्शकों को ऐसा दीवाना बनाया कि आज भी लोग इन पर जान छिड़कते हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही अभिनेत्री के बारे में बताएंगे, जिसने 17-18 साल की उम्र में अपना एक्टिंग डेब्यू किया और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे खूबसूरत एक्ट्रेस में से कहलाईं। लेकिन, डुप्लीकेट का ठप्पा ऐसा लगा कि आज भी इन्हें लोग इनसे ज्यादा ऐश्वर्या राय से मिलते-जुलते लुक्स के लिए याद करते हैं। दर्शकों पर इनके हुस्न का जादू तो खूब चला, लेकिन पर्दे पर एक्टिंग का जादू नहीं चल पाया और फ्लॉप का ठप्पा लेकर ये बड़े पर्दे से ओझल हो गई। जी हां, हम बात कर रहे हैं स्नेहा उल्लाल की, जिन्होंने 20 साल पहले सिनेमा की दुनिया में कदम रखे थे।
ऐश्वर्या से तुलना और डूब गया करियर
स्नेहा उल्लाल बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में से हैं, जिन्हें पहले से ही अपनी धाक जमा चुकी अभिनेत्री से अपने मिलते-जुलते लुक्स के चलते नुकसान उठाना पड़ा। स्नेहा ने 2005 में 'लकीः नो टाइम फॉर लव' से अपना करियर शुरू किया था। जैसे ही उन्होंने डेब्यू किया, उनकी नीली आंखें और ऐश्वर्या राय से मिलते-जुलते लुक्स के चलते खूब हाइप मिली। लेकिन आगे चलकर यही लुक्स उनके लिए मुश्किल का सबब बन गए और इतनी खूबसूरती के बाद भी उन्हें कोई फायदा नहीं मिला। उल्टा ऐश्वर्या की डुप्लीकेट कहलाए जाने का उनके करियर पर विपरीत प्रभाव देखने को मिला।
ऑटोइम्यून डिसऑर्डर से जूझ चुकी हैं स्नेहा उल्लाल
स्नेहा उल्लाल ने जब डेब्यू किया, अपनी इनोसेंट ब्यूटी से सबको दीवाना बना दिया। उन्हें देखते ही लोगों को ऐश्वर्या की याद आ जाती, लेकिन इसके बाद भी बॉलीवुड में उनका करियर नहीं चल पाया। इसी बीच स्नेहा एक गंभीर बीमारी की चपेट में आ गईं, जिससे उनकी हालत ऐसी हो गई कि वह आधे घंटे भी ढंग से खड़ी नहीं रह पाती थीं। स्नेहा ने स्नेहा तेलुगु फिल्म 'अंथा नी मायालोन' के बाद अभिनय से अचानक दूरी बना ली। वजह थी उनकी बीमारी, एक्ट्रेस को खून से जुड़ी एक ऑटो इम्यून बीमारी थी, जिसके चलते उनका पूरा इम्यून सिस्टम बिगड़ गया और उनके शरीर ने उनका साथ देना छोड़ दिया। बीमारी के चलते वह शूटिंग भी नहीं कर पाती थीं, जिसके चलते उन्होंने फिल्मों के साथ-साथ हर इवेंट से दूरी बना ली।
फ्लॉप रहा करियर
स्नेहा के फिल्मी करियर की बात करें तो 2005 में आई 'लकीः नो टाइम फॉर लव' से उन्होंने अपना करियर शुरू किया, जिसमें सुपरस्टार सलमान खान लीड रोल में थे। इस फिल्म के बाद वह 'आर्यन: द अनब्रेकेबल' में दिखाई दीं, जो फ्लॉप रही। बॉलीवुड में सिक्का नहीं चल पाने पर स्नेहा ने साउथ सिनेमा का रुख किया और 2008 में 'उल्लासमगा उत्सवमगा' से तेलुगु में डेब्यू किया। इस फिल्म को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और स्नेहा के अभिनय की भी तारीफ हुई। इसके बाद वह नागार्जुन के साथ 'किंग' में दिखाई दीं। 2010 में 'काश... मेरे होते' से बॉलीवुड में वापसी की, लेकिन फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल रहा। फिर इसी साल नंदमुरी बालकृष्ण के साथ 'सिम्हा' की और ये ब्लॉकबस्टर रही। स्नेहा आखिरी बार 'लव यू लोकतंत्र' में दिखाई दी थीं, जो 2022 में रिलीज हुई थी और इसके बाद से वह किसी फिल्म में नजर नहीं आई हैं।
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