'झूठी फिल्में बन रही हैं', तमतमाए नवाजुद्दीन सिद्दीकी, बॉलीवुड की बड़ी फिल्मों को बताया Fake, लोगों ने समझ लिया इशारा
बॉलीवुड के पसंदीदा एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी का बयान चर्चा में आ गया है। एक्टर का बॉलीवुड की फिल्मों में सीधा प्रहार सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। नरेटिव बिल्डिंग के सवाल पर एक्टर ने कई बड़ी फिल्मों को फर्जी करार दिया है।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी भारतीय सिनेमा के उन गिने-चुने कलाकारों में से हैं जो अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। राजनीतिक चर्चाओं से दूर रहने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी बॉलीवुड को लेकर हमेशा सटीक बात करते आए हैं। हाल ही में उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की वर्तमान स्थिति पर कड़ा प्रहार करते हुए 'फर्जी' और 'झूठी' फिल्मों के बढ़ते चलन पर एक नई बहस छेड़ दी है। एक सार्वजनिक मंच पर नवाजुद्दीन ने न केवल फिल्म निर्माण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए, बल्कि समाज के प्रति फिल्मकारों की जिम्मेदारी और सिनेमा में सच्चाई के महत्व पर भी खुलकर बात की। इस कार्यक्रम के दौरान वो काफी गुस्से में बात करते नजर आए।
सिनेमा में ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी
हाल ही में नेटफ्लिक्स की क्राइम थ्रिलर 'रात अकेली है: द बंसल मर्डर्स' में नजर आए नवाजुद्दीन ने एनडीटीवी क्रिएटर्स मंच (सीजन 2) के दौरान ये तीखी टिप्पणियां कीं। इस सत्र के दौरान जब उनसे वैश्विक संघर्षों जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव और समाज को दिशा दिखाने में सिनेमा की भूमिका के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहानी कहने में ईमानदारी की कमी पर अफसोस जताया। नवाज का मानना है कि फिल्मकारों को समाज को गलत राह पर नहीं धकेलना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज का दर्शक काफी जागरूक है और वह पर्दे पर दिखाए जाने वाले नैरेटिव के पीछे की हकीकत को बखूबी समझता है। उन्होंने कहा, 'समाज को गलत दिशा में ले जाने की जरूरत नहीं है। सच्चाई बहुत महत्वपूर्ण है और सच्चाई हर इंसान आज की डेट में जानता है। जिस तरह की फिल्में बन रही हैं, उनके पीछे की सच्चाई क्या है, आप जानते हैं, लेकिन आप बोलेंगे नहीं।'
'फेक' फिल्मों और नैरेटिव पर कड़ा प्रहार
जब बातचीत का रुख खास तौर पर नैरेटिव-ड्रिवन यानी किसी विशेष विचारधारा या नैरेटिव पर आधारित सिनेमा की ओर मुड़ा तो नवाजुद्दीन ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उनके अनुसार वर्तमान में जो फिल्में बन रही हैं, वे सत्य की बुनियाद पर खड़ी नहीं हैं। उन्होंने भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि लोग दुनिया की घटनाओं पर बारीकी से नजर रखते हैं और वे जानते हैं कि किस तरह से कहानियों को मरोड़ा जा रहा है। अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, 'नहीं, झूठी फिल्में बन रही हैं हमारे यहां। फेक फिल्में बन रही हैं। यह सब जानते हैं। दुनिया में क्या हो रहा है, सब जानते हैं। असली सच्चाई क्या है, यह भी सब जानते हैं। क्या झूठ फैलाया जा रहा है और क्या नैरेटिव सेट किया जा रहा है, सब इसके बारे में जानते हैं।'
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस और भविष्य की राह
नवाजुद्दीन ने हालांकि अपनी बातों में किसी विशेष फिल्म का नाम नहीं लिया, लेकिन इंटरनेट की दुनिया में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर यूजर्स ने उनके बयानों को 'द केरला स्टोरी' और 'धुरंधर' जैसी फिल्मों से जोड़ना शुरू कर दिया, जिन्हें पहले भी कुछ वर्गों द्वारा प्रोपेगेंडा आधारित बताया गया था। कई प्रशंसकों ने इसे ऐसी फिल्मों के निर्माताओं के लिए एक सीधा संदेश और करारा तमाचा करार दिया।
इस फिल्म में नजर आएंगे नवाजुद्दीन सिद्दीकी
प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो नवाजुद्दीन के प्रशंसक उन्हें जल्द ही एक बड़े प्रोजेक्ट में देखेंगे। उन्होंने बहुचर्चित फिल्म 'तुम्बाड' के सीक्वल 'तुम्बाड 2' का हिस्सा बनने की पुष्टि की है। सोहम शाह और पेन स्टूडियोज द्वारा निर्मित इस फिल्म में नवाज एक जटिल और बहुस्तरीय भूमिका में नजर आएंगे। उन्होंने मूल फिल्म की वायुमंडलीय कहानी की प्रशंसा करते हुए इस डार्क पौराणिक ब्रह्मांड का हिस्सा बनने पर उत्साह जताया है।
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