तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने अपने दिग्गज प्रोड्यूसर के. राजन को को दिया है। के. राजन सिनेमा से जुड़े कार्यक्रमों में अपनी बेबाक बातों और विवादित टिप्पणियों के लिए जाने जाते थे। बताया जा रहा है कि 85 साल के के. राजन ने अड्यार नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। तमिल वनइंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, के. राजन ने चेन्नई में अड्यार पुल से नदी में छलांग लगा दी। बाद में फायर और रेस्क्यू टीम ने उनका शव बरामद कर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है।
के. राजन ने की आत्महत्या
तमिल सिनेमा के मशहूर के. राजन अक्सर यूट्यूब चैनलों और मीडिया आउटलेट्स से बात करते हुए फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखते थे। उनके अचानक निधन से सिनेमा जगत में मातम पसरा हुआ है। के. राजन 1980 के दशक से तमिल सिनेमा से जुड़े हुए थे। उन्होंने 1983 में सुरेश अभिनीत फिल्म 'ब्रह्मचारीगल' के साथ एक प्रोड्यूसर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। अपने बैनर 'गणेश सिने आर्ट्स' के तहत उन्होंने कई फिल्मों का निर्माण किया और 'उनाचिगल' जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया, जिसमें अब्बास और कुणाल ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
के. राजन के निधन पर सेलेब्स ने दुख जताया
BJP नेता खुशबू सुंदर ने अपना दुख व्यक्त करते हुए अपने X हैंडल पर लिखा, 'बहुत बुरी खबर है। फिल्म जगत के हमारे प्यारे सदस्य, प्रोड्यूसर K. राजन सर के निधन की खबर सुनकर मैं बहुत सदमे में हूं। उनका आत्महत्या करके दुनिया से चले जाना बेहद दुखद है। वे बहुत ही इज्जतदार इंसान थे और ऐसे व्यक्ति थे जो सच कहने से कभी नहीं हिचकिचाते थे। यह बहुत ही परेशान करने वाली बात है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। ओम शांति।'
अभिनेता-राजनेता आर. सरथकुमार ने लिखा, 'तमिल फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने निर्माता श्री के. राजन द्वारा आत्महत्या करने की दुखद घटना से गहरा सदमा और दुख पहुंचा है। 1980 से तमिल सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाने वाले इस अनुभवी निर्माता का इस तरह अचानक चले जाना तमिल फिल्म जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। मैं उनके परिवार के प्रति, जो उनके निधन से शोक में डूबा है, साथ ही उनके रिश्तेदारों, दोस्तों और पूरे तमिल फिल्म समुदाय के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।'
के. राजन क्यों थे मशूहर
साल 2000 में उन्होंने चेन्नई फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के तौर पर काम किया। उनके बेटे प्रभुकांत ने भी एक एक्टर के तौर पर तमिल फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। के. राजन खास तौर पर ऑडियो लॉन्च और पब्लिक इवेंट्स में अपनी बेबाक और निडर स्पीच के लिए जाने जाते थे। वह अक्सर तमिल सिनेमा के सामने आने वाली मुश्किलों, प्रोड्यूसर्स के फाइनेंशियल नुकसान, एक्टर्स की बढ़ती सैलरी और इंडस्ट्री के अंदर की गड़बड़ियों जैसे मुद्दों पर बात करते थे। उनकी बेबाक राय अक्सर सुर्खियों में रहती थी।
के. राजन कौन थे?
के. राजन तमिल सिनेमा के जाने-माने हस्ती थे, जिन्होंने अपने फिल्मी करियर में निर्माता, लेखक, निर्देशक और अभिनेता के तौर पर काम किया। उन्होंने 1980 के दशक की शुरुआत में एक निर्माता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और आगे चलकर कई फिल्मों में काम किया, जिनमें 'डबल्स', 'अवल पावम' और 'निनाइकोथा नालियाई' शामिल हैं।
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